छिंदवाड़ा में लोकायुक्त की कार्रवाई, रिश्वत लेते NHM डाटा मैनेजर गिरफ्तार स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
छिंदवाड़ा में लोकायुक्त की कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल को उजागर किया, जहां स्थानांतरण के बदले रिश्वत लेते NHM डाटा मैनेजर को रंगे हाथों पकड़ा गया।
Chhindwara Lokayukta Action : भ्रष्टाचार पर सख्ती दिखाते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को छिंदवाड़ा में बड़ी कार्रवाई की। CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाटा मैनेजर को रिश्वत लेते हुए मौके पर पकड़ लिया गया। मामला सामने आते ही पूरे स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई और अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल बन गया।
सोमवार को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने छिंदवाड़ा के CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के एक डाटा मैनेजर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत एक नर्सिंग ऑफिसर के स्थानांतरण के बदले मांगी गई थी।
पूरा मामला क्या है?
छिंदवाड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला (ब्लॉक पिण्डरईकला) में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे अपने स्थानांतरण को लेकर परेशान थीं। वे नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में पोस्टिंग चाहती थीं।
आरोप है कि CMHO कार्यालय में पदस्थ NHM डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी ने इस स्थानांतरण के बदले उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा होने के बावजूद जब काम को पैसों से जोड़ा गया, तो नर्सिंग ऑफिसर ने चुप रहने के बजाय सही कदम उठाया।
लोकायुक्त में शिकायत और योजनाबद्ध ट्रैप
रिश्वत की मांग से परेशान होकर पुष्पा वडघरे ने लोकायुक्त जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद शिकायत सही पाई गई।
इसके बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी रणनीति के साथ लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई, ताकि आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जा सके। सोमवार को जैसे ही तय रकम आरोपी को सौंपी गई, पहले से मौजूद लोकायुक्त दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
रंगे हाथों गिरफ्तारी और पुष्टि
कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जो गुलाबी हो गए। यह प्रक्रिया आमतौर पर रिश्वत लेने की पुष्टि के लिए अपनाई जाती है। इस रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद CMHO कार्यालय और पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें शामिल हैं:
धारा 7
धारा 13(1)(b)
धारा 13(2)
इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर सख्त सजा का प्रावधान है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में ऑपरेशन
यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। टीम में शामिल अधिकारियों ने समन्वय के साथ कार्रवाई को सफल बनाया। इस घटना को प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।













