सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर लगी रोक: 1 मई से शुरू हो रहा है यह बड़ा काम, जानें कलेक्टर का नया आदेश
- भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने 1 से 30 मई तक कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाई है।
- यह आदेश जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और गणना कार्य के लिए जारी किया गया है।
- जनगणना के काम में भोपाल के 6 हजार से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है।
- मेडिकल इमरजेंसी या जरूरी पारिवारिक काम के लिए कार्यालय प्रमुख की मंजूरी अनिवार्य होगी।
- तहसीलदार ने सभी कर्मचारियों को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
Bhopal Employee Leave News : भोपाल में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने 1 मई से 30 मई तक जनगणना से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। दरअसल, शहर में मकानों की गिनती और सूची तैयार करने का काम शुरू होने जा रहा है, जिसमें 6 हजार से ज्यादा लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। इस महत्वपूर्ण सरकारी काम को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि जनगणना की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
राजधानी भोपाल में प्रशासन अब जनगणना की तैयारी में पूरी तरह जुट गया है। 1 मई से 30 मई के बीच मकानों का सूचीकरण (House Listing) और उनकी गणना का काम किया जाना है। यह एक बड़ा अभियान है जिसके लिए भारी वर्कफोर्स की जरूरत होती है। यही वजह है कि कलेक्टर ने आदेश जारी कर उन सभी कर्मचारियों को अलर्ट पर रहने को कहा है जिनकी ड्यूटी इस काम में लगी है। प्रशासन का मानना है कि अगर इस दौरान कर्मचारी छुट्टी पर रहेंगे, तो जनगणना का डेटा जुटाने में समस्या आ सकती है।
आपको बता दें कि यह आदेश भोपाल के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए नहीं है। यह पाबंदी केवल उन 6 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगी जिन्हें जनगणना के काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें राजस्व विभाग से लेकर शिक्षा और अन्य विभागों के वे लोग शामिल हैं जो फील्ड में जाकर घरों की जानकारी जुटाएंगे। तहसीलदार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि सभी संबंधित कर्मचारी अपने दायित्वों को समय सीमा के भीतर पूरा करें और किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरतें।

हालांकि, प्रशासन ने पूरी तरह से रास्ता बंद नहीं किया है। अगर किसी कर्मचारी के घर में कोई बहुत जरूरी पारिवारिक काम आ जाए या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो, तो उसे राहत मिल सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी को अपने कार्यालय प्रमुख से अनुमति लेनी होगी। उचित कारण और आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद ही वह अवकाश पर जा सकेगा। प्रशासन का उद्देश्य काम को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि गैर-जरूरी कारणों से जनगणना का काम प्रभावित न हो।
जनगणना के पहले चरण में मकानों की मार्किंग और उनकी डिटेल्स जुटाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। भोपाल जैसे बड़े शहर में लाखों मकानों का रिकॉर्ड तैयार करना एक महीने के भीतर पूरा करना एक बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए तहसीलदार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे काम की निगरानी करें। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिसका मतलब है कि मई के पूरे महीने अब जनगणना टीम को ग्राउंड पर मुस्तैद रहना होगा।











