जबलपुर क्रूज हादसा: ‘कुछ लोग नाच रहे थे, लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी’, नाविक महेश पटेल ने बताई उस भयानक मंजर की पूरी कहानी
- नाविक महेश पटेल ने बताया कि शुरुआत में मौसम साफ था, लौटते समय अचानक आंधी आई।
- सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे पहनने से मना कर दिया।
- नाव किनारे से सिर्फ 50-60 मीटर दूर थी जब उसमें पानी भरा और वह पलट गई।
- महेश ने बताया कि उन्हें मौसम खराब होने की कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं मिली थी।
- क्रूज का मेंटेनेंस नियमित रूप से हर सोमवार को किया जाता था।
Bargi Dam accident update : जबलपुर के प्रसिद्ध बरगी डैम में हाल ही में हुए क्रूज हादसे ने हर किसी को डरा दिया है। इस घटना के बाद से कई तरह के सवाल उठ रहे थे, जिनका जवाब अब खुद उस क्रूज को चलाने वाले नाविक महेश पटेल ने दिया है। महेश ने बताया कि जब वह क्रूज लेकर किनारे से रवाना हुए थे, तब मौसम बिल्कुल सामान्य था और केवल हल्की हवा चल रही थी।
लेकिन वापसी के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी जैसे हालात बन गए। महेश के मुताबिक, उन्होंने यात्रियों को बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन तेज लहरों और कुछ लोगों की लापरवाही ने स्थिति को बेकाबू कर दिया।
अचानक बिगड़ा मौसम
महेश पटेल ने जानकारी दी कि सफर की शुरुआत सुखद थी, लेकिन लौटते समय हवा की रफ्तार इतनी बढ़ गई कि नाव को संभालना मुश्किल होने लगा। उन्होंने बताया कि जैसे ही खतरा महसूस हुआ, उन्होंने तुरंत सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट बांट दी थीं।
महेश ने नाव को सुरक्षित किनारे पर लाने के लिए लंगर (Anchor) डालने का भी प्रयास किया, ताकि नाव स्थिर हो सके। हालांकि, हवा इतनी प्रचंड थी कि लंगर डालने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। देखते ही देखते क्रूज में पानी भरने लगा और नियंत्रण पूरी तरह से हाथ से निकल गया।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी मुसीबत
इस बातचीत के दौरान महेश ने एक गंभीर बात साझा की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से सभी को लाइफ जैकेट दी गई थी, लेकिन कुछ यात्री उस समय मस्ती के मूड में थे। कुछ लोग क्रूज पर नाच रहे थे और बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।
महेश का कहना है कि जब नाव पलटी, तब वह किनारे से महज 50-60 मीटर की दूरी पर थे। अगर सभी यात्रियों ने सुरक्षा नियमों का पालन किया होता और लाइफ जैकेट पहनी होती, तो शायद स्थिति इतनी भयावह नहीं होती।
‘3 दिन से सोया नहीं, बार-बार आंखों के सामने आता है वो मंजर’
हादसे के बाद से नाविक महेश पटेल गहरे सदमे में हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों से उन्होंने अन्न का एक दाना भी नहीं खाया है। वह मंजर उनकी आंखों के सामने से हट नहीं रहा है और उन्हें ठीक से नींद भी नहीं आ रही है।
#WATCH | Cruise boat capsize in Jabalpur | Cruise Pilot Mahesh Patel says, "…When I left, there was no thunderstorm; it was just a little windy. When it was time for us to return, the winds grew stronger. So, life jackets was provided to everyone. Suddenly, the winds grew even… pic.twitter.com/joHaeQLKWS
— ANI (@ANI) May 2, 2026
महेश ने स्पष्ट किया कि क्रूज के रख-रखाव में कोई कमी नहीं थी और हर सोमवार को इसकी सर्विसिंग की जाती है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि उस दिन उन्हें मौसम विभाग या प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की चेतावनी नहीं मिली थी। उनकी नाव किसी चीज से नहीं टकराई थी, बल्कि केवल कुदरत के कहर और पानी के दबाव के कारण यह हादसा हुआ।













