MP अनुकंपा नियुक्ति: 2 दिन में 600 परिवारों को राहत, 30 और आदेश जल्द; जानिए 859 लंबित मामलों पर क्या हुआ
MP Anukampa Niyukti : मध्य प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे सैकड़ों परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे की दिशा में तेजी दिखाते हुए महज दो दिनों में 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सार्वजनिक रूप से साझा की है।
मंत्री के मुताबिक, विभाग में करीब 859 अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबे समय से लंबित थे। इनमें से 600 मामलों में नियुक्ति आदेश जारी हो चुके हैं। यानी बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को अब आगे बढ़ने का रास्ता मिला है, जो लंबे समय से नियुक्ति संबंधी निर्णय का इंतजार कर रहे थे।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि करीब 30 और अनुकंपा नियुक्ति आदेश आगामी दो दिनों में जारी किए जाएंगे। बाकी बचे मामलों पर भी आवश्यक विकल्पों के साथ विचार किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम की अहमियत सिर्फ नियुक्ति आदेश जारी होने तक सीमित नहीं है। अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य ऐसे परिवारों को रोजगार का सहारा देना है, जिनके सरकारी कर्मचारी सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाई की स्थिति बन सकती है।
859 लंबित मामलों में से 600 का निपटारा
स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 859 अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण लंबित बताए गए थे। विभाग ने इनमें से 600 मामलों में दो दिनों के भीतर नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने इसे लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और अपेक्षा के अनुरूप इन प्रकरणों के निपटारे पर तेजी से काम किया गया है। उनका कहना है कि प्रयास यह है कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को समय पर आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन का आधार मिल सके।
अगले दो दिनों में 30 और आदेश जारी होंगे
600 नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया है कि करीब 30 और अनुकंपा नियुक्ति आदेश आगामी दो दिनों में जारी किए जाएंगे। इसका मतलब है कि लंबित मामलों के एक और हिस्से पर जल्द निर्णय सामने आ सकता है। वहीं, जिन प्रकरणों का अभी समाधान नहीं हुआ है, उनके लिए विभाग आवश्यक विकल्पों पर विचार कर रहा है।
यहां यह समझना जरूरी है कि सभी लंबित मामलों को एक साथ नियुक्ति में बदलने की बात नहीं कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बचे हुए प्रकरणों में नियमों और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लंबे समय से इंतजार कर रहे परिवारों के लिए यह फैसला
अनुकंपा नियुक्ति सामान्य भर्ती प्रक्रिया से अलग संदर्भ में देखी जाती है। यहां मामला उस परिवार से जुड़ा होता है जिसने अपने सरकारी कर्मचारी सदस्य को खोया है।
ऐसे परिवार के लिए नौकरी का निर्णय केवल रोजगार का विषय नहीं होता। यह परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने और आगे की जिंदगी के लिए एक आधार उपलब्ध कराने से भी जुड़ा होता है।
इसी वजह से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का समय पर निपटारा महत्वपूर्ण माना जाता है। स्कूल शिक्षा विभाग की मौजूदा कार्रवाई से ऐसे सैकड़ों परिवारों को नियुक्ति संबंधी इंतजार से राहत मिलने की स्थिति बनी है।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने क्या कहा?
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लंबित मामलों के समाधान को परिवारों के आर्थिक संबल से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को समय पर आर्थिक सहारा और सम्मानजनक जीवन का आधार उपलब्ध कराना है।
#संवेदनशीलता से समाधान,
— Uday Pratap Singh (@udaypratapmp) September 23, 2026
परिवारों को #आर्थिक_संबल
मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी की संवेदनशील पहल एवं अपेक्षा के अनुरूप लगभग…
मंत्री की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि शेष प्रकरणों में आवश्यक विकल्पों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है। इस बयान से फिलहाल दो बातें साफ होती हैं पहली, 600 मामलों में नियुक्ति आदेश जारी हो चुके हैं और दूसरी, बाकी मामलों के लिए प्रक्रिया अभी जारी है।
