देवास में अवैध पटाखा फैक्ट्री में बड़ा ब्लास्ट, 15 मजदूरों की मौत की आशंका, मलबे में रेस्क्यू जारी
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककलां में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ।
- इस दर्दनाक हादसे में लगभग 10 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
- विस्फोट इतना जोरदार था कि फैक्ट्री के टीन शेड उड़ गए और आसपास के घर हिल गए।
- पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
- घायलों को तुरंत देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की जांच जारी है।
Dewas Factory Blast Updates : मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककलां क्षेत्र में मक्सी रोड पर गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हो गया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 10 मजदूरों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री की छत और टीन शेड हवा में उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। फिलहाल ब्लास्ट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
सुबह के समय जब फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था, तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक इसे सुना गया। विस्फोट के प्रभाव से आसपास के मकानों की दीवारें और खिड़कियां तक हिल गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर से काले धुएं का एक बड़ा गुबार आसमान में उठने लगा। मलबे और मरुतों के अवशेष हवा में उछलकर दूर जा गिरे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और चारों तरफ चीख-पुकार का माहौल बन गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहा है।
सभी घायल मजदूरों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए देवास जिला अस्पताल और पास के अन्य चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से चलाया जा रहा है।
शुरुआती जांच और स्थानीय इनपुट्स के अनुसार, यह पटाखा फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस और जरूरी सुरक्षा इंतजामों के चलाई जा रही थी। रिहायशी इलाकों के नजदीक इस तरह के अवैध निर्माण हमेशा से बड़े खतरों को दावत देते रहे हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लेने के बाद मामले की गहन जांच की जाएगी और फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












