उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर बड़ी ठगी, गुजरात की महिलाओं से हड़पे 42 हजार रुपये; आप भी रहें सावधान
- महाकाल भस्म आरती बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी
- गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपये वसूले गए
- गूगल पर मिले नंबर से हुआ संपर्क
- मंदिर पहुंचने पर पता चला बुकिंग फर्जी थी
- पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की
Mahakal Bhasma Aarti Online Booking : उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दर्शन कराने और नंदी हॉल में सीट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का एक और गंभीर मामला सामने आया है। गुजरात के वडोदरा से आईं दो महिला श्रद्धालु ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गईं,
जिनसे एक शातिर जालसाज ने वीआईपी प्रोटोकॉल और बुकिंग के बहाने कुल 42,000 रुपये ऐंठ लिए। मंदिर पहुंचने पर जब बुकिंग फर्जी निकली, तब पीड़ित महिलाओं ने महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गूगल सर्च से शुरू हुआ ठगी का खेल
गुजरात के वडोदरा की रहने वाली वीणा धनेरिया अपनी सहेली अल्पना पटेल के साथ महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दर्शन करने के लिए उज्जैन आई थीं। भस्म आरती की बुकिंग के लिए उन्होंने उज्जैन आने से पहले इंटरनेट का सहारा लिया।
उन्होंने गूगल पर भस्म आरती बुकिंग से जुड़ा नंबर सर्च किया, जहां उन्हें दीपक मिश्रा नाम के एक व्यक्ति का मोबाइल नंबर मिला। महिलाओं ने इसे मंदिर प्रशासन या किसी अधिकृत व्यक्ति का नंबर समझकर उस पर संपर्क कर लिया।
‘प्रोटोकॉल’ और ‘सेव मनी’ के नाम पर वसूली
फोन पर बातचीत के दौरान आरोपी दीपक मिश्रा ने दोनों महिलाओं को अपने झांसे में ले लिया। उसने दावा किया कि वह न केवल उनकी भस्म आरती की बुकिंग कराएगा, बल्कि उन्हें मंदिर के मुख्य हिस्से यानी नंदी हॉल में भी बैठाएगा। इसके बदले में उसने शुरुआत में 11,500 रुपये और पहचान पत्र (आधार कार्ड की कॉपी) की मांग की। महिलाओं ने भरोसा करके पैसे ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद आरोपी की नीयत और खराब हो गई। उसने महिलाओं को डराने और भ्रमित करने के लिए “वीआईपी प्रोटोकॉल” और “सेव मनी” जैसी तकनीकी बातों का हवाला दिया। उसने कहा कि दर्शन को पक्का करने के लिए कुछ और सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
इस तरह उसने अलग-अलग किश्तों में कुल 42,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। जब महिलाओं को शक होने लगा और उन्होंने टिकट मांगा, तो आरोपी ने बात टालते हुए कहा कि बुकिंग नहीं हो पाई है और वह जल्द ही उनके पैसे वापस (रिफ़ंड) कर देगा।
मंदिर काउंटर पर खुला फर्जीवाड़े का राज
महिलाएं जब उज्जैन पहुंचीं और महाकाल मंदिर प्रशासन के काउंटर पर जाकर अपनी बुकिंग की जानकारी ली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया कि इस नाम से भस्म आरती की कोई भी बुकिंग दर्ज नहीं है।
तब महिलाओं को अहसास हुआ कि वे साइबर क्राइम का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद दोनों पीड़ित महिलाएं तुरंत महाकाल थाने पहुंचीं और पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 173/2026 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और पुराना रिकॉर्ड
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि देश-दुनिया से हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दरबार में आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पुलिस हमेशा मुस्तैद रहती है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है।
शुरुआती जांच में आरोपी का नाम दीपक मिश्रा सामने आया है। पुलिस के पास आरोपी का मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजैक्शन आईडी और चैट्स जैसे कई अहम सबूत मौजूद हैं।
थाना प्रभारी के मुताबिक, पुलिस की एक टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि महाकाल दर्शन के नाम पर ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है।
कुछ समय पहले आशुतोष शर्मा नाम के एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी श्रद्धालुओं से दर्शन कराने के नाम पर अवैध वसूली करने की शिकायत दर्ज की जा चुकी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
महाकाल मंदिर में दर्शन और भस्म आरती की बढ़ती लोकप्रियता के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इससे पहले भी कई श्रद्धालु फर्जी एजेंटों और सोशल मीडिया पेजों के जरिए ठगी का शिकार हो चुके हैं।
कुछ समय पहले आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति के खिलाफ भी श्रद्धालुओं से दर्शन कराने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस का मानना है कि साइबर ठग धार्मिक आस्था को निशाना बनाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं।
महाकाल भस्म आरती बुकिंग का सही और सुरक्षित तरीका
साइबर एक्सपर्ट्स और उज्जैन पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं। महाकाल मंदिर में भस्म आरती की बुकिंग पूरी तरह पारदर्शी है और इसे केवल श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की आधिकारिक वेबसाइट (shrimahakaleshwar.com) के माध्यम से ही किया जा सकता है।
ऑनलाइन बुकिंग के लिए प्रति श्रद्धालु केवल 200 रुपये का शुल्क तय है। इसके अलावा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति, सोशल मीडिया विज्ञापनों या गूगल पर मिलने वाले रैंडम नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें, क्योंकि मंदिर प्रशासन किसी भी तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) के जरिए बुकिंग स्वीकार नहीं करता है।













