सावधान! 2026 में शादी की प्लानिंग करने वाले जरूर पढ़ लें यह खबर, इन महीनों में नहीं बजेंगी शहनाइयां
Shadi Muhurat 2026 : भारत में शादियों का मतलब सिर्फ दो लोगों का मिलना नहीं, बल्कि एक बड़ा उत्सव होता है। अगर आप या आपके किसी करीबी के घर में साल 2026 में शहनाई बजने वाली है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत काम की है।
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, साल 2026 शादियों के मामले में थोड़ा अलग रहने वाला है। इस साल एक ऐसा समय भी आएगा जब करीब पांच महीनों तक शादियों पर पूरी तरह से ब्रेक लग जाएगा। ऐसे में अपनी वेडिंग प्लानिंग को सही समय पर सेट करना आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
साल 2026 में क्यों थमेगी शादियों की रफ्तार?
हिंदू धर्म में कोई भी मांगलिक कार्य करने से पहले ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति देखी जाती है। साल 2026 में ग्रहों की कुछ ऐसी स्थिति बन रही है, जिसकी वजह से विवाह के शुभ मुहूर्तों में कमी आएगी।
सबसे बड़ी रुकावट चातुर्मास के कारण आएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 25 जुलाई 2026 से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे। इस दौरान सृष्टि के पालनहार के विश्राम करने के कारण कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। यही वजह है कि जुलाई के अंत से लेकर नवंबर के मध्य तक शादियों का शोर शांत रहेगा।
इन कारणों से भी कम होंगे शादी के दिन
केवल चातुर्मास ही नहीं, बल्कि साल की शुरुआत में भी कुछ ज्योतिषीय बाधाएं हैं। शादी के लिए शुक्र और गुरु ग्रह का उदय होना बहुत जरूरी माना जाता है क्योंकि शुक्र सुख और सौभाग्य का प्रतीक है। 1 फरवरी 2026 को शुक्र ग्रह के उदय होने के बाद ही विवाह के द्वार खुलेंगे।
इसके अलावा, 14 मार्च से 13 अप्रैल के बीच खरमास रहेगा, जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं। इस समय को भी शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। साथ ही 17 मई से 15 जून तक अधिकमास होने की वजह से भी मुहूर्तों की संख्या में कटौती देखी जाएगी।
2026 का वेडिंग कैलेंडर: किस महीने में कितने मुहूर्त
अगर आप तारीखों को लेकर उलझन में हैं, तो साल 2026 के मुहूर्तों का गणित समझना जरूरी है। पूरे साल में कुल 59 शुभ दिन मिल रहे हैं। सबसे ज्यादा भीड़ फरवरी के महीने में रहने वाली है, जिसे शादियों के लिए सबसे बेहतरीन महीना माना जा रहा है।
| महीना | मुहूर्तों की स्थिति | मुख्य जानकारी |
| फरवरी | 12 मुहूर्त | साल का सबसे शुभ और व्यस्त महीना |
| मार्च से जून | औसत 8 मुहूर्त (प्रति माह) | खरमास और अधिकमास का बीच में असर रहेगा |
| जुलाई | सिर्फ 4 मुहूर्त | 25 जुलाई के बाद ब्रेक शुरू हो जाएगा |
| अगस्त से अक्टूबर | कोई मुहूर्त नहीं | चातुर्मास के कारण पूरी तरह रोक |
| नवंबर | 4 मुहूर्त | 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी से शुरुआत |
| दिसंबर | 7 मुहूर्त | साल के आखिरी दिनों में शादी के अच्छे योग |
जब मुहूर्त न मिले तो काम आएगा ‘अबूझ मुहूर्त’
कई बार ऐसा होता है कि परिवार को कोई मनचाही तारीख नहीं मिल पाती या फिर अचानक शादी तय करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति के लिए ‘अबूझ मुहूर्त’ सबसे अच्छा विकल्प होता है। साल 2026 में 23 जनवरी को वसंत पंचमी का दिन पड़ रहा है। इस दिन को शास्त्रों में इतना पवित्र माना गया है कि किसी ज्योतिषी से सलाह लिए बिना या पंचांग देखे बिना भी विवाह संपन्न किया जा सकता है। अगर आप साल की शुरुआत में ही शादी करना चाहते हैं, तो यह दिन सबसे श्रेष्ठ है।












