सुसाइट नोट जब्ती के बाद भी आरोपियों की नही हुई गिरफ्तारी आरक्षक व एसआई को बचाने में लगा पुलिस महकमा
छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में आरक्षक की पत्नी की आत्महत्या का मामला एक महीने बाद भी चर्चा में है। सुसाइड नोट मिलने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं।
Chhindwara suicide case। छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में आरक्षक की पत्नी की आत्महत्या के मामले में एक महीने बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। 9 फरवरी को हुई इस घटना में मृतका द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट को पुलिस ने जब्त कर लिया था और परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
मृतका के परिवार का आरोप है कि पुलिस विभाग अपने ही कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। उक्त मामले मे थाना प्रभारी की भूमिका पर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। पुलिस के उच्च अधिकारियों को चाहिए कि थाना प्रभारी की भी जांच करा कर कार्रवाई करे।
एक माह में नही हो सकी गिरफ्तारी
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर एक माह बीत जाने के बाद भी आरक्षक पति एवं एस आई महिला को गिरफ्तार नही किया गया है। लोगों का कहना है कि पुलिस अपने विभाग के कर्मचारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। वही पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच उपरांत कार्रवाई की जावेगी। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है। क्योकि उक्त मामले में पुलिस विभाग के कर्मचारी पूरी तरह से आरोपी है।
मामला इस प्रकार
9 फरवरी को थाना क्षेत्र छिंदवाड़ा कोतवाली अंतर्गत प्रीति रघुवंशी पति चंद्रकिशोर रघुवंशी ने अपने किराये के घर मे फासी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतिका द्वारा आत्महत्या के पूर्व सुसाइट नोट भी लिख कर रखे गये थे जिसमें आरक्षक पति चंद्रकिशोर रघुवंशी पर मारपीट करना लिखा गया था एवं महिला एस आई से अवैध संबंध की बात भी लिखी गई। इसके अतिरिक्त मृतिका के नंद व बहनोई एवं सास द्वारा भी प्रताड़ित करना लिखा गया।

पुलिस ने सुसाइट नोट जब्त कर प्रकरण तो पंजीबद्ध कर लिया लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नही की गई। मर्ग जांच के दौरान मृतिका के भाई राजेश रघुवंशी पिता डुलीचंद रघुवंशी, मृतिका के चचेरे भाई मधुर रघुवंशी, मृतिका की मां देवकी रघुवंशी, मृतिका के बडे भाई गिरजेश रघुवंशी के कथन लेख किये गये जिन्होने मृतिका प्रीति रघुवंशी की मौत के लिए मृतिका की सास प्रेमवती बाई, पति चंद्रकिशोर रघुवंशी, ननद बबली रघुवंशी, नंदोई रंजीत रघुवंशी, नीलू रघुवंशी, एसआई अनिता सराटे को जिम्मेदार बताया गया है।
एसआई अफेयर का एफआईआर मे उल्लेख
मृतिका द्वारा सुसाइट नोट में के साथ दूध का हिसाब व मकान का किराये तथा बिजली का हिसाब भी मिला। पलंग के गद्दे के नीचे मिली कापी मंे सास व पति द्वारा परेशान करना, सास द्वारा अपशब्दो का प्रयोग करना, उसे ताने मारना, लडके की बात मानकर चलना, पति द्वारा अत्याधिक मारपीट करना, बहनो का कहना मानना व उनकी कही हुई बात के अनुसार काम करना, पति द्वारा करीबन 40 वार मारना, थाना पांढुर्णा में पदस्थ महिला उनि से अफेयर होना सहित अनेको बाते लिखी पाई गई।
मृतिका के पिता डुलीचंद रघुवंशी एवं अन्य परिजनों द्वारा प्रीति रघुवंशी की मौत के लिए मृतिका की सास प्रेमवती बाई, पति चंद्रकिशोर रघुवंशी, ननद बबली रघुवंशी, नंदोई रंजीत रघुवंशी, नीलू रघुवंशी, एसआई अनिता सराठे को जिम्मेदार बताया गया।
थाना प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल
इस मामले में कुछ लोगों ने थाना कोतवाली प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च पुलिस अधिकारियों को थाना स्तर की जांच भी करानी चाहिए।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और इसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सुसाइड नोट सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सुसाइड नोट और परिजनों के बयान जैसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ चुके हैं, तब भी आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी। मृतका के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद लगाए हुए हैं।













