फिल्मी ड्रामा: स्टेज पर दूल्हा करता रहा इंतजार, दुल्हन ने प्रेमी के गले में डाल दी वरमाला
Chhindwara Wedding News : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक शादी समारोह उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया जब दुल्हन ने सभी के सामने एक हैरान करने वाला कदम उठाया। मामला परासिया क्षेत्र के मुजावर गांव का है, जहां 27 और 28 अप्रैल की दरमियानी रात वरमाला की रस्म चल रही थी।
खुशियों भरे माहौल में तब सन्नाटा पसर गया जब स्टेज पर पहुंची दुल्हन ने अपने सामने खड़े दूल्हे को नजरअंदाज कर दिया और पंडाल में मौजूद अपने प्रेमी के पास जाकर उसके गले में वरमाला डाल दी। इस घटना के बाद शादी टूट गई और दूल्हे को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।
धूमधाम से आई थी बारात, फिर हुआ बड़ा उलटफेर
जानकारी के अनुसार, परासिया से यह बारात पूरे गाजे-बाजे और उत्साह के साथ मुजावर गांव पहुंची थी। वधु पक्ष ने बारातियों का भव्य स्वागत किया, आतिशबाजी हुई और सभी ने मिलकर भोजन का आनंद लिया। इसके बाद वह घड़ी आई जिसका सबको इंतजार था वरमाला की रस्म। दूल्हा सज-धजकर मंच पर अपनी होने वाली जीवनसंगिनी का इंतजार कर रहा था। जैसे ही दुल्हन को सखियों के साथ मंच पर लाया गया, वहां मौजूद लोग तालियां बजाने लगे, लेकिन दुल्हन के मन में कुछ और ही चल रहा था।
प्रेमी को गले लगाया, दंग रह गए मेहमान
मंच पर पहुंचने के बाद दुल्हन ने अचानक अपनी दिशा बदल दी। वह दूल्हे की ओर न जाकर सीधे पंडाल में खड़े अपने प्रेमी के पास पहुंच गई। सबके सामने उसने प्रेमी के गले में वरमाला डाल दी और उसे गले लगा लिया। यह नजारा देख वहां मौजूद मेहमान और दोनों परिवारों के लोग हक्के-बक्का रह गए। कुछ पलों के लिए पूरे समारोह में गहरा सन्नाटा छा गया। दुल्हन के इस कदम ने न केवल शादी की रस्मों को रोक दिया, बल्कि पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
विवाद के बाद उमरेठ थाने पहुंचा मामला
दुल्हन की इस हरकत के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। वधु पक्ष के कुछ सदस्य आपा खो बैठे और उन्होंने युवती व उसके प्रेमी के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थिति को बिगड़ता देख और अपनी मर्यादा का ध्यान रखते हुए दूल्हे ने समझदारी दिखाई और इस विवाह को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दूल्हा और बाराती बिना दुल्हन लिए ही वापस लौट गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए वर पक्ष ने उमरेठ थाने में इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस अब कानूनी कार्रवाई और जांच कर रही है।
दबाव में तय हुआ था रिश्ता
गांव के लोगों और स्थानीय सूत्रों की मानें तो युवती पहले से ही उस युवक के साथ प्रेम संबंध में थी। वह उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन परिवार के दबाव और सामाजिक लोक-लाज के कारण उसकी शादी कहीं और तय कर दी गई थी।
बताया जा रहा है कि अपनी बात न सुने जाने पर युवती ने सार्वजनिक रूप से विरोध करने का यह तरीका चुना। गौरतलब है कि परासिया क्षेत्र में इस तरह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले खिरसाडोह में भी एक दुल्हन ने फेरों के वक्त शादी से मना कर दिया था और बारात को बैरंग लौटना पड़ा था।











