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MP Budget 2026 Date : मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर में भारी गिरावट, सीएम मोहन यादव ने पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 18 फरवरी को एमपी बजट पेश करने की घोषणा की। 1.5% बेरोजगारी दर, केंद्र से भारी मदद और शहरी विकास के लिए 5000 करोड़ के साथ प्रदेश की तरक्की का खाका खींचा।

MP Budget 2026 Date : मध्य प्रदेश की आर्थिक दिशा और दशा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा रोडमैप सामने रखा है। हाल ही में पेश हुए केंद्रीय बजट के बाद राज्य सरकार अब अपने पिटारे से प्रदेश की जनता के लिए नई सौगातें निकालने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाली 18 फरवरी को मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया जाएगा।

इस बार का बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विकसित मध्य प्रदेश की नींव रखने वाला दस्तावेज माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रेस से बातचीत के दौरान राज्य की आर्थिक सेहत और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें रोजगार से लेकर आधुनिक तकनीक तक सब कुछ शामिल था।

बजट की तारीख और विकास का नया संकल्प

मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में 18 फरवरी की तारीख को लेकर काफी उत्सुकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह साफ किया कि राज्य सरकार का ध्यान इस बार समावेशी विकास पर है। बजट पेश करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और इसमें समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीब, युवा, किसान और महिलाओं की जरूरतों का ख्याल रखा गया है।

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मुख्यमंत्री का मानना है कि केंद्रीय बजट से मिलने वाली मदद और राज्य के अपने संसाधनों के तालमेल से मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में मजबूती से खड़ा किया जा सकता है। यह बजट आगामी वित्त वर्ष के लिए विकास की गति तय करेगा।

बेरोजगारी दर में भारी गिरावट का दावा

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के लिए एक राहत भरी खबर साझा की। उन्होंने सरकारी आंकड़ों के हवाले से दावा किया कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति में बहुत तेजी से सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में बेरोजगारी की दर अब घटकर केवल डेढ़ प्रतिशत रह गई है। यह आंकड़ा उन लोगों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जो रोजगार के अवसरों की तलाश में हैं।

सरकार का कहना है कि उनकी रोजगारोन्मुखी नीतियों और कौशल विकास कार्यक्रमों की वजह से युवाओं को काम मिलने में आसानी हुई है। हालांकि, सरकार का लक्ष्य इसे और कम करने और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने का है ताकि प्रदेश का कोई भी युवा खाली हाथ न रहे।

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केंद्र से मिलने वाली भारी वित्तीय सहायता

मध्य प्रदेश की विकास योजनाओं को पंख लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के बजट में 1.12 लाख करोड़ रुपए का बड़ा प्रावधान किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र सरकार राज्यों को पूंजीगत व्यय यानी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 50 साल की अवधि का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान कर रही है।

इस कर्ज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके ब्याज का पूरा बोझ खुद केंद्र सरकार उठा रही है। यह वित्तीय सहायता वित्त आयोग की सामान्य सिफारिशों के अलावा दी जा रही है। अगर हम पिछले कुछ वर्षों का हिसाब देखें, तो साल 2020-21 से लेकर जनवरी 2026 तक राज्य को इस मद में करीब 46,802 करोड़ रुपए मिल चुके हैं।

शहरी विकास के लिए पांच हजार करोड़ का मास्टर प्लान

मध्य प्रदेश के बड़े शहरों की सूरत बदलने के लिए सरकार ने एक व्यापक योजना तैयार की है। जिन शहरों की आबादी पांच लाख से ज्यादा है, उनके विकास और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए अगले पांच सालों में 5000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

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इसमें सड़कों का जाल बिछाना, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और आधुनिक परिवहन सुविधाएं शामिल हैं। केवल बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में मौजूद तीर्थ स्थलों के कायाकल्प पर भी सरकार का विशेष जोर है। सरकार का मानना है कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर छोटे दुकानदारों और सेवा प्रदाताओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

समाज के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पहली यह कि अब प्रदेश के हर जिले में महिलाओं के लिए सुरक्षित और आधुनिक छात्रावास (होस्टल) बनाए जाएंगे। इससे दूर-दराज के इलाकों से आकर शहरों में पढ़ाई या नौकरी करने वाली महिलाओं को रहने की चिंता नहीं सताएगी।

दूसरी बड़ी घोषणा स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर है। जिला अस्पतालों के स्तर को बेहतर बनाने के लिए विशेष बजट आवंटित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों या दूसरे राज्यों की तरफ न भागना पड़े, बल्कि उनके अपने जिले में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।

टेक्सटाइल हब बनेगा मध्य प्रदेश

रोजगार के मोर्चे पर एक और बड़ी क्रांति कपड़ा उद्योग यानी टेक्सटाइल सेक्टर से आने वाली है। मुख्यमंत्री ने पीएम मित्र पार्क (PM MITRA Park) का जिक्र करते हुए कहा कि इससे राज्य में करीब तीन लाख लोगों को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

मध्य प्रदेश में कपास की पैदावार अच्छी होती है, ऐसे में कपड़ा उद्योगों के आने से न केवल युवाओं को फैक्ट्रियों में काम मिलेगा, बल्कि स्थानीय किसानों को भी अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। यह कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को औद्योगिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक पर फोकस

भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार अब तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक अनुसंधान का है।

सरकार का इरादा प्रशासन और विकास योजनाओं में तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने का है। इससे न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी, बल्कि विकास की गति भी कई गुना बढ़ जाएगी। रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर निवेश करने से राज्य के भीतर नए नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अंततः प्रदेश की तरक्की का रास्ता साफ होगा।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

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