मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम, आगरा-मुंबई हाईवे पर थमेगी रफ्तार
- कांग्रेस आज मध्य प्रदेश से गुजरने वाले आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (NH 52) पर बड़ा चक्काजाम कर रही है।
- यह आंदोलन 11 जिलों के लगभग 747 किलोमीटर लंबे हाईवे के दायरे में 7 अलग-अलग जगहों पर हो रहा है।
- इंदौर के पिगडंबर से सुबह 10:30 बजे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में इस प्रदर्शन की शुरुआत हुई।
- कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश का किसान गेहूं खरीदी, फसलों के दाम, बिजली, पानी और खाद के संकट से जूझ रहा है।
MP Congress National Highway Protest : मध्य प्रदेश में आज किसानों की समस्याओं को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी आज सुबह 10:30 बजे से राज्य से गुजरने वाले आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (NH 52) पर एक बड़ा चक्काजाम आंदोलन शुरू करने जा रही है। किसानों को गेहूं खरीदी, फसलों के सही दाम, बिजली, पानी और खाद मिलने में आ रही दिक्कतों के विरोध में कांग्रेस यह प्रदर्शन कर रही है।
प्रदेश के 11 जिलों में करीब 747 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 7 अलग-अलग प्रमुख पॉइंट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर इस आंदोलन को अंजाम दे रहे हैं, जिससे इस व्यस्त हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
इंदौर के पिगडंबर से होगी शुरुआत
कांग्रेस ने इस बड़े आंदोलन की शुरुआत के लिए इंदौर को मुख्य केंद्र चुना है। इंदौर के पिगडंबर इलाके में सुबह साढ़े दस बजे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी की मौजूदगी में इस चक्काजाम की शुरुआत होगी। पार्टी ने इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से तैयारियां की थीं, ताकि सरकार तक किसानों की आवाज को पुरजोर तरीके से पहुंचाया जा सके।
747 किलोमीटर के दायरे में थमेगी रफ्तार
यह आंदोलन सिर्फ किसी एक शहर या जिले तक सीमित नहीं है। कांग्रेस का यह चक्काजाम आंदोलन लगभग 747 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे के दायरे को प्रभावित करेगा।
इसमें खलघाट, इंदौर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। कुल मिलाकर प्रदेश के 11 जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता इस रूट पर चक्काजाम करेंगे, जिससे सफर करने वाले आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
दिग्गज नेताओं को सौंपी गई अलग-अलग इलाकों की कमान
आंदोलन को व्यवस्थित और असरदार बनाने के लिए कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी है। मालवा और निमाड़ के इलाके में मोर्चा संभालने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव और बाला बच्चन खलघाट क्षेत्र में कमान संभाल रहे हैं।
वहीं, ग्वालियर-चंबल और मध्य भारत के क्षेत्रों में जयवर्धन सिंह गुना में, अशोक सिंह ग्वालियर में, जबकि पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह और हेमंत कटारे भिंड-मुरैना के इलाके में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। जीतू पटवारी खुद इंदौर, देवास, शाजापुर और उज्जैन संभाग के रूट पर सक्रिय नजर आएंगे।
ट्रैफिक और आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
चूंकि प्रदर्शन राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित है, इसलिए कई जिलों में यातायात प्रभावित हो सकता है। आगरा-मुंबई हाईवे मध्यप्रदेश का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, जहां रोज बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्गों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने की सलाह दी जा रही है।












