MP Police Hawala Case : ₹2.96 करोड़ की लूट मामले में मुख्य आरोपी पूजा पांडे की बेल पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में व्यापारी से ₹2.96 करोड़ की कथित हवाला राशि लूटने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है।
- मामले की मुख्य आरोपी निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे ने हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई है।
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस याचिका को अपनी शुरुआती सुनवाई सूची में स्थान दिया है।
MP Police Hawala Case : मध्य प्रदेश का बहुचर्चित सिवनी हवाला कांड अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले की मुख्य आरोपी और निलंबित एसडीओपी (SDOP) पूजा पांडे ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस याचिका को अपनी शुरुआती सुनवाई सूची में शामिल किया है, जिस पर आज अहम सुनवाई होनी तय है। करोड़ों रुपये की कथित हवाला राशि की लूट से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने पूरे मध्य प्रदेश के प्रशासनिक और कानूनी अमले को हिलाकर रख दिया है।
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का है, जहां कानून के रखवालों पर ही करोड़ों रुपये की हवाला राशि लूटने का गंभीर आरोप लगा है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह हवाला नेटवर्क कटनी से लेकर सिवनी तक फैला हुआ था।
इस नेटवर्क में कुछ रसूखदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सीधी संलिप्तता उजागर हुई थी। इसके बाद से ही पुलिस महकमे की साख पर लगातार बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र के जालना निवासी एक व्यापारी सोहनलाल परमार से जुड़ी है। सोहनलाल अपने वाहन से करीब 2.96 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी लेकर यात्रा कर रहे थे। आरोप है कि सिवनी के बंडोल थाना क्षेत्र में देर रात पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को चेकिंग के बहाने रोका।
इसके बाद व्यापारी और उनके साथियों को डरा-धमकाकर पास के एक सुनसान जंगल में ले जाया गया। वहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और सारा कैश छीन लिया गया। पीड़ित व्यापारी ने इस घटना के बाद कोतवाली थाने में हिम्मत दिखाकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद इस बड़े पुलिस-हवाला गठजोड़ का भंडाफोड़ हुआ।
इस केस में एसडीओपी पूजा पांडे के अलावा सब-इंस्पेक्टर (SI) अर्पित भैरम भी मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। एसआई अर्पित भैरम को भी अब तक किसी भी अदालत से कोई राहत नहीं मिल सकी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।
हालांकि, इस मामले से जुड़े कई अन्य छोटे-मोटे आरोपियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ पहले ही जमानत दे चुकी है। इसके साथ ही कोर्ट ने दो अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी तकनीकी आधार पर निरस्त कर दिया है। अब हर किसी की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या पूजा पांडे को वहां से राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।












