CM Mohan Yadav Actions : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिखाया कड़ा एक्शन, 3 अधिकारियों को निलंबित, कई को नोटिस
मध्य प्रदेश में अधिकारियों की लापरवाही पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई की, 3 अधिकारियों को निलंबित किया, कई को नोटिस भी जारी किए।

- मुख्यमंत्री ने मऊगंज सीएमओ और सब इंजीनियर समेत 3 अधिकारियों को निलंबित किया।
- सीहोर और विदिशा में पानी की समस्या और मुद्रा योजना में लापरवाही पर नाराजगी जताई।
- टीकमगढ़ और खंडवा में अधिकारियों पर जुर्माना और कार्रवाई की गई।
CM Mohan Yadav Actions : मध्य प्रदेश में अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही अब महंगी साबित हो रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार (28 मार्च) को समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में कई अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
इसमें मऊगंज के सीएमओ और सब इंजीनियर समेत कुल 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा, सिवनी जिले में महिलाओं और बच्चों के लापता होने के मामलों में एफआईआर न दर्ज करने पर टीआई और एसडीओपी को नोटिस जारी किए गए हैं।
क्या था मामला?
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम की समीक्षा की और विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली। सबसे पहले, उन्होंने जवा तहसीलदार राजेंद्र शुक्ल को निलंबित किया, क्योंकि भैंस की मौत के बाद पशुपालकों को आर्थिक मदद में देरी हो रही थी।
इसके अलावा मऊगंज नगर पंचायत के सीएमओ महेश पटेल और उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह की लापरवाही भी उजागर हुई। मऊगंज में तीन महीने से जलापूर्ति में समस्या थी, और इसके बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों ने सीएम हेल्पलाइन से लेकर नगर पंचायत तक शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिस पर सीएम ने इन दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
सीएम का सख्त रुख
सीएम ने बैठक में कई और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त नाराजगी जाहिर की। सीहोर में नलजल योजना के तहत चिन्हित गांवों में पानी की आपूर्ति न होने पर उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि जब पानी सप्लाई का निर्णय लिया गया है, तो ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हो रही है? इस मामले पर सीएम ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है।
विदिशा में मुद्रा योजना के तहत ऋण वितरण में भी लापरवाही सामने आई। इस पर सीएम ने सीएमओ को नोटिस जारी किया और लीड बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। छिंदवाड़ा जिले में कपिलधारा योजना के तहत कूप निर्माण में भुगतान न होने पर सचिव को निलंबित किया गया।
अधिकारियों को सख्त संदेश
सीएम ने टीकमगढ़ जिले में बकरी पालन अनुदान की फाइल गायब होने पर भी नाराजगी जताई और तुरंत अनुदान जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, खंडवा में दिव्यांगों को 193 दिनों से राशि नहीं मिलने पर कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया।