NEET UG 2026 Paper Leak Case : सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पुणे की शिक्षिका समेत 9 आरोपी गिरफ्तार
- सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
- मुख्य आरोपी केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी लंबे समय से एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों के संपर्क में था।
NEET UG 2026 Paper Leak Case : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के कथित पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ा एक्शन लिया है।
सीबीआई ने पिछले 24 घंटों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर इस रैकेट से जुड़े कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में महाराष्ट्र के पुणे की एक सीनियर बॉटनी टीचर और लातूर के केमिस्ट्री लेक्चरर को भी दबोचा गया है।
यह पूरी कार्रवाई दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहमदनगर में की गई छापेमारी के बाद सामने आई है। जांच में पता चला है कि इन आरोपियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की मिलीभगत से प्रश्नपत्र हासिल किए और फिर लाखों रुपये लेकर उन्हें चुनिंदा कोचिंग सेंटरों को बेच दिया। इस खुलासे ने एक बार फिर परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छह शहरों में छापेमारी और अहम सबूतों की जब्ती
सीबीआई की टीमों ने इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए एक साथ छह अलग-अलग शहरों में दबिश दी। जांच एजेंसी ने दिल्ली, राजस्थान के जयपुर, हरियाणा के गुरुग्राम और महाराष्ट्र के नासिक, पुणे व अहमदनगर में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की।
इस तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी के हाथ कई बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील सबूत लगे हैं। सीबीआई ने मौके से कई संदिग्ध दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक खातों के रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए हैं।
अधिकारी अब इन डिजिटल और वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि पेपर लीक के इस खेल में अब तक कितने करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है और कौन-कौन से बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
कौन हैं मास्टरमाइंड और कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
इस पूरे मामले में सीबीआई ने महाराष्ट्र के पुणे की एक सीनियर बॉटनी शिक्षिका मनीषा मंधारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मनीषा परीक्षा आयोजित करने वाले पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों के लगातार संपर्क में बनी हुई थीं।
मनीषा से पहले सीबीआई ने इस मामले के एक और मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था, जो महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है और वहां केमिस्ट्री का लेक्चरर है। कुलकर्णी को पहले ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाया गया था और अब उससे आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, कुलकर्णी लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अंदरूनी लोगों के संपर्क में था। इसी पहुंच का फायदा उठाकर उसने परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्रों तक अपनी पहुंच बना ली थी। आरोप है कि इसके बाद इन प्रश्नपत्रों को भारी-भरकम रकम के बदले खास कोचिंग क्लासों में पढ़ने वाले छात्रों को परीक्षा से पहले ही मुहैया करा दिया गया था।
कोर्ट ने आरोपियों को भेजा रिमांड पर, जांच का दायरा बढ़ा
सीबीआई ने अब तक इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 9 लोगों को अपनी कस्टडी में लिया है। कानून का शिकंजा कसते हुए अदालत ने इनमें से पांच आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के जरिए दिल्ली लाया गया है।
सीबीआई की टीम अब सभी आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
अधिकारी इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या देश के कुछ बड़े और रसूखदार कोचिंग संस्थानों के मालिक या एनटीए के कुछ अन्य अधिकारी भी सीधे तौर पर इस साजिश का हिस्सा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।













