कारोबारी की बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश 10 साल के प्यार के लिए उठाया कदम
UP Crime News Today : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नामी पीतल कारोबारी की बेटी ने अपने 10 साल पुराने प्यार को पाने के लिए अपने ही घर में सवा करोड़ रुपये की डकैती डलवा दी। यह घटना 11 मई की सुबह नागफनी थाना क्षेत्र के अकबर कंपाउंड में हुई। लड़की ने अलग जाति होने के कारण शादी में आ रही अड़चनों को दूर करने और प्रेमी के साथ जिंदगी बसाने के लिए इस बड़ी वारदात की साजिश रची।
उसने अपने प्रेमी को घर के लॉकर की चाबियां सौंप दी थीं, जिसके बाद प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर सोते हुए परिवार को बंधक बनाया और कैश लेकर फरार हो गया। मुरादाबाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए केवल चार टीमों की मदद से इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा कर लड़की, उसके प्रेमी और तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्यार, परिवार और सवा करोड़ की डकैती
मुरादाबाद के नागफनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकबर कंपाउंड में रहने वाले एक संपन्न पीतल कारोबारी के घर में जब 11 मई की सुबह डकैती की बात सामने आई, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआत में यह मामला आम अपराधियों द्वारा अंजाम दिया गया लूटकांड लग रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी की बेटी का एक युवक के साथ पिछले 10 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति से होने के कारण उनके परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। अपने परिवार को मनाने में नाकाम रहने के बाद, युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर एक खतरनाक रास्ता चुना।
उसने सोचा कि अगर उनके पास बड़ी रकम होगी, तो वे कहीं दूर जाकर अपनी दुनिया बसा सकेंगे। इसी योजना के तहत युवती ने अपने ही घर के लॉकर की चाबियां अपने प्रेमी को सौंप दीं।
पुलिस को गुमराह करने के लिए सीसीटीवी का डीवीआर भी ले उड़े
योजना के मुताबिक, 11 मई की सुबह जब घर के सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तब युवती ने बेहद शातिराना अंदाज में अपने प्रेमी और उसके साथियों को घर के अंदर एंट्री दिलाई। आरोपियों ने घर के लोगों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया ताकि किसी को शक न हो कि यह अंदरूनी मामला है। इसके बाद वे अलमारी और लॉकर में रखे करीब सवा करोड़ रुपये समेट कर रफूचक्कर हो गए।
आरोपी खुद को बहुत चालाक समझ रहे थे। उन्हें पता था कि पुलिस सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज चेक करेगी। इसलिए वे पुलिस को झांसा देने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी अपने साथ उखाड़ ले गए।
शुरुआत में पुलिस के पास आरोपियों का सुराग लगाने के लिए कोई सीधा डिजिटल सबूत नहीं बचा था, जिससे जांच टीम के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी।
कड़ियों से कड़ियां जुड़ीं और खुल गया राज
मामला एक बड़े कारोबारी से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत 4 विशेष टीमों का गठन किया गया। जब घर के अंदर का डीवीआर गायब मिला, तो पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और इलाके के बाहरी रास्तों पर लगे अन्य कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में पुलिस अक्सर कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और घटना के समय एक्टिव मोबाइल टावरों के डेटा का विश्लेषण करती है। जब पुलिस ने घर के मुख्य दरवाजों पर किसी भी तरह की जबरदस्ती या तोड़फोड़ के निशान नहीं पाए, तो उनका शक गहरा गया।
पुलिस ने जब घर के ही सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रखी, तो कारोबारी की बेटी के बयानों में बार-बार विरोधाभास नजर आया। इसके बाद जब महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में युवती से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी कहानी उगल दी।













