LIVE UPDATE
Country

Petrol Diesel Price Hike: 2022 के बाद पहली बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल ₹97.91 और डीजल ₹90.78 पहुंचा

पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की महंगाई का असर भारत तक, रोजाना सफर करने वालों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बढ़ेगा दबाव

Petrol Diesel Price Hike : देशभर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लागू हो गई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर ₹3.14 प्रति लीटर और डीजल पर ₹3.11 प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। दिल्ली समेत कई शहरों में नई दरें लागू होने के बाद आम उपभोक्ताओं, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ने की आशंका है।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊपर बनी हुई हैं और रुपये पर भी दबाव बढ़ा है।

2022 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी

करीब दो साल बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह पहली उल्लेखनीय बढ़ोतरी मानी जा रही है। नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में नियमित पेट्रोल अब ₹97.91 प्रति लीटर और डीजल ₹90.78 प्रति लीटर हो गया है। वहीं प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹105.14 से ₹107.14 प्रति लीटर के बीच पहुंच गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लाखों वाहन चालकों पर सीधा असर पड़ेगा। रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोग, टैक्सी-ऑटो चालक, डिलीवरी सेवाएं और माल ढुलाई से जुड़े कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

आखिर क्यों बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम?

दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया के मुताबिक, तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी को देखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप संचालकों को देर रात ई-मेल के जरिए नई कीमतों की जानकारी दी गई थी, जिसे शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू कर दिया गया।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ाया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर जल्दी दिखाई देता है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से फल-सब्जी, दूध, किराना और ऑनलाइन डिलीवरी जैसी सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले हफ्तों में माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन किराए में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या है हाल?

वैश्विक ऊर्जा बाजार में पिछले कुछ दिनों से अस्थिरता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने से आयात लागत और बढ़ गई।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल है। ऐसे में वैश्विक बाजार में हर उतार-चढ़ाव का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *