एमपी में बदला मौसम: ग्वालियर समेत 25 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के कारण मध्यप्रदेश में बारिश, ओले और कोहरा बढ़ा, 25 जिलों में अलर्ट, अगले तीन दिन मावठा और ठंड का असर।
Rain Alert in Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश में सर्दी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पहाड़ों पर बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओले और घना कोहरा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रीवा, सागर समेत 25 जिलों में आज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। आने वाले तीन दिन तक मावठा गिरने और ठंडी हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है, जिससे ठिठुरन और बढ़ सकती है।
पहाड़ों की बर्फबारी का सीधा असर एमपी पर
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी ने मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित किया है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ ऊपरी हवा में तेज जेट स्ट्रीम चल रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह जेट स्ट्रीम करीब 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है, जिसकी वजह से दिन के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार की सुबह कई जिलों में घने कोहरे और ठंडी हवाओं के साथ शुरू हुई।
नीमच और मंदसौर में ओले
रविवार शाम नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। खेतों और सड़कों पर ओलों की परत जम गई। ग्वालियर, धार और उज्जैन में भी रातभर हल्की से मध्यम बारिश होती रही। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कई जगह गेहूं की खड़ी फसल प्रभावित हुई है।
आज कहां-कहां बिगड़ा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और बघेलखंड के जिलों में आज बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। रीवा, सतना और सीधी जैसे इलाकों में भी बादल छाए रहने के साथ बारिश के आसार हैं। उत्तर मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अगले दो दिन तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। पांच फरवरी के बाद बारिश की गतिविधियां कम होंगी, लेकिन बादल हटते ही ठंडी हवाएं तेज हो जाएंगी और रात का तापमान और नीचे जाएगा।
कोहरे से जनजीवन प्रभावित
प्रदेश के कई शहरों में घने कोहरे ने रफ्तार थाम दी है। ग्वालियर, रीवा, उज्जैन, दतिया, खजुराहो जैसे इलाकों में दृश्यता 50 से 200 मीटर तक सिमट गई। सुबह के समय सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। ट्रेनों और बसों की आवाजाही पर भी असर देखने को मिला। हालांकि बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान फिलहाल 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
10 फरवरी तक मौसम का उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों से जुड़े मौसम सिस्टम पूरी तरह कमजोर होने में अभी समय लगेगा। दो और पांच फरवरी को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 फरवरी तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होती रह सकती है। अगले तीन दिन मावठा गिरने और सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। जेट स्ट्रीम के चलते दिन में भी ठंड का अहसास रहेगा।
सिस्टम हटते ही लौटेगी तेज ठंड
जैसे ही पहाड़ी इलाकों से यह मौसम प्रणाली आगे बढ़ेगी, मध्यप्रदेश में ठंड का नया दौर शुरू होगा। हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर साफ होते ही दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। फरवरी के पहले पखवाड़े में प्रदेशवासियों को फिर से कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ सकता है।











