बरगी डैम क्रूज हादसा: रेस्क्यू जारी, बचे लोगों की आपबीती ने झकझोरा
- बरगी बांध में गुरुवार शाम को पर्यटकों से भरा क्रूज पलटने से हड़कंप मच गया।
- अचानक आई तेज आंधी और खराब मौसम को इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
- रेस्क्यू टीम ने अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिनका इलाज जारी है।
- हादसे में बचे सैयद हुसैन रियाज की पत्नी, समधन और नाती अब भी लापता हैं।
- जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
Bargi Dam Accident : मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार शाम बरगी बांध के जलाशय में एक बड़ा क्रूज हादसा हो गया। तेज आंधी और अचानक बिगड़े मौसम के कारण पर्यटकों से भरा एक क्रूज अनियंत्रित होकर पानी में समा गया।
इस दर्दनाक घटना के समय क्रूज पर करीब 25 से 30 लोग सवार थे। राहत की बात यह रही कि अब तक 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन कई लोग अब भी लापता हैं। प्रशासन और गोताखोरों की टीमें लापता लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
अचानक बदले मौसम ने बरपाया कहर
जबलपुर के सिविल लाइन इलाके के रहने वाले सैयद हुसैन रियाज अपने परिवार के साथ गुरुवार की शाम को इस क्रूज पर सवार हुए थे। शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था और लोग ठंडी हवाओं और पानी की लहरों का आनंद ले रहे थे।
शाम करीब 6 बजे अचानक कुदरत का मिजाज बदला और तेज आंधी चलने लगी। लहरें इतनी ऊंची उठने लगीं कि क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। क्रूज पर सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते क्रूज पानी में डूबने लगा।
दो घंटे तक मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष
इस हादसे में सुरक्षित बचे सैयद हुसैन रियाज की आपबीती किसी का भी दिल दहला सकती है। उन्होंने बताया कि जब क्रूज डूबा, तो चारों ओर चीख-पुकार मच गई। सैयद ने मौत को बहुत करीब से देखा। उन्होंने बताया कि पानी के तेज बहाव में बहते हुए वह बांध के एक ऐसे हिस्से में जा फंसे जहां उनकी गर्दन किसी चीज में अटक गई।
उनका पूरा शरीर पानी के अंदर था और सिर्फ चेहरा बाहर था, जिससे उन्हें सांस मिलती रही। सैयद लगभग दो घंटे तक इसी जानलेवा स्थिति में फंसे रहे। उन्होंने अपनी आंखों के सामने शवों को तैरते देखा और उन्हें लगा कि शायद वह अब कभी बाहर नहीं निकल पाएंगे। तभी बचाव दल की नजर उन पर पड़ी और उन्हें मौत के मुंह से बाहर निकाला गया।
आंखों के सामने ओझल हुआ पूरा परिवार
सैयद हुसैन रियाज की जान तो बच गई, लेकिन उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस क्रूज यात्रा पर उनकी पत्नी, समधन और उनका छोटा नाती भी उनके साथ थे। हादसे के वक्त मची अफरा-तफरी में उनका पूरा परिवार उनकी नजरों के सामने ही लहरों में कहीं खो गया।
सैयद ने भरे गले से बताया कि उन्हें बचा लिया गया है, लेकिन उनके परिवार के तीनों सदस्य अब भी लापता हैं। फिलहाल, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश जारी है, लेकिन समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
बरगी क्रूज हादसा में मृत, लापता और जीवित बचाये गये व्यक्तियों की अभी तक की अद्यतन सूची.
















