जबलपुर बरगी डैम हादसा: मां ने मरते दम तक नहीं छोड़ा बेटे का साथ, रेस्क्यू में मिली लिपटी हुई लाशें
- जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे के बाद शुक्रवार सुबह 5 और शव मिले।
- क्रूज पर कुल 43 लोग सवार थे, जिनमें से 28 को सुरक्षित बचाया गया।
- दिल्ली की मरिना मैसी और उनके 4 साल के बेटे का शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिला।
- यात्रियों का आरोप है कि क्रूज स्टाफ ने उन्हें लाइफ जैकेट नहीं दी थी।
- पर्यटन मंत्री ने घटना की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
Jabalpur News : जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद शुक्रवार की सुबह रेस्क्यू टीम ने पांच और शव बाहर निकाले हैं। प्रशासन के मुताबिक, हादसे के वक्त क्रूज पर कुल 43 लोग सवार थे, जिनमें से अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के बीच शुक्रवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा चीर दिया। रेस्क्यू टीम ने जब पानी से एक मां और उसके चार साल के मासूम बेटे का शव निकाला, तो दोनों एक-दूसरे से कसकर लिपटे हुए थे। फिलहाल, पानी में लापता अन्य 6 लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
मां की ममता का वो आखिरी मंजर
शुक्रवार को जब बचाव दल डैम की गहराई में शवों की तलाश कर रहा था, तब उन्हें दिल्ली से आए मरिना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान का शव मिला। यह दृश्य इतना भावुक था कि रेस्क्यू टीम के सदस्यों की आंखों में भी आंसू आ गए। मरिना ने डूबते वक्त भी अपने कलेजे के टुकड़े को खुद से अलग नहीं होने दिया था।
#WATCH | Madhya Pradesh | Bodies of a woman and her child tied together in one life jacket retrieved from the reservoir at Bargi Dam in Jabalpur after a cruise boat capsized last night. The incident claimed nine lives. pic.twitter.com/iVSO3fTZ65
— ANI (@ANI) May 1, 2026
उन्होंने मरते दम तक अपने बेटे को सीने से चिपकाए रखा। दुखद बात यह रही कि मां ने तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन मासूम त्रिशान के पास कोई सुरक्षा कवच नहीं था। इस हादसे में मरिना के पति प्रदीप और बेटी सिया की जान तो बच गई, लेकिन उनका परिवार हमेशा के लिए बिखर गया।
चश्मदीद की जुबानी: बिना सुरक्षा के लहरों के बीच छोड़ा
हादसे में बची सिया ने उस खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई है। सिया के अनुसार, वे सभी शाम करीब साढ़े पांच बजे क्रूज पर सवार हुए थे। क्रूज स्टाफ की तरफ से किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब क्रूज बीच मझधार में पहुंचा, तभी अचानक मौसम बिगड़ा और तेज तूफान आ गया।
घबराकर लोग क्रूज के निचले हिस्से की तरफ भागे। सिया ने बताया कि उसके पिता और एक अन्य व्यक्ति ने जब देखा कि पानी अंदर आ रहा है, तो उन्होंने खुद लॉकर तोड़कर लाइफ जैकेट निकाली। अगर प्रशासन और क्रूज स्टाफ ने पहले ही सुरक्षा के इंतजाम किए होते, तो शायद यह नौबत नहीं आती।
प्रशासन का आंकड़ा और रेस्क्यू का अपडेट
शुरुआती जानकारी में सवारियों की संख्या को लेकर भ्रम था, लेकिन अब स्थिति साफ हो गई है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पता चला है कि क्रूज पर कुल 43 लोग सवार थे।
टिकट केवल 29 लोगों ने लिए थे क्योंकि बच्चों का टिकट नहीं लगता है, इसी वजह से सवारियों की संख्या उम्मीद से ज्यादा थी। अब तक कुल 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों ने हादसे के तुरंत बाद अपनी नावों के जरिए रेस्क्यू शुरू किया था, जिससे कई लोगों की जान बच सकी।
मंत्री का कड़ा रुख और जांच के निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी खुद मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
#WATCH | Jabalpur Cruise Boat capsize | MP Minister Dharmendra Singh Lodhi says, "This is a very sad and heartbreaking incident. I have ordered the department to investigate this incident. If negligence has occurred, we will take the strongest possible action. Nine people have… pic.twitter.com/pAJHmMs2E1
— ANI (@ANI) May 1, 2026
मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगर क्रूज संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान बचे हुए 6 लापता लोगों को ढूंढने पर है, जिसके लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।













