मध्यप्रदेश में नौतपा से पहले ही ‘आग’ बरसा रहा आसमान: खजुराहो में पारा 45 पार, अब आंधी-बारिश का भी अलर्ट
- खजुराहो 45.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना।
- इंदौर और उज्जैन में रात का तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक बढ़ा।
- बैतूल, छिंदवाड़ा समेत 5 जिलों में तेज आंधी और बारिश का येलो अलर्ट।
- 15 मई से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना।
- पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री दर्ज, प्रदेश में सबसे ठंडा रहा।
Khajuraho Highest Temperature : मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में इन दिनों सूरज के तेवर बेहद तल्ख हैं और लोग भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मई के महीने में ही पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया है, जिसने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पर्यटन नगरी खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यह स्थिति केवल दिन की ही नहीं है, बल्कि इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में रातें भी उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्म हो रही हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे सुकून नहीं मिल पा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए ‘हीट वेव’ और ‘वॉर्म नाइट’ का दोहरा अलर्ट जारी किया है।
खजुराहो और रतलाम में लू का सितम
प्रदेश के बुंदेलखंड और मालवा अंचल में गर्मी अपने चरम पर है। छतरपुर जिले का खजुराहो न केवल सैलानियों के लिए मशहूर है, बल्कि इस समय यह गर्मी का केंद्र भी बन गया है। रतलाम में भी तापमान 45.2 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि धार में पारा 45 डिग्री दर्ज किया गया।
भोपाल के बैरसिया और विदिशा में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है, वहां भी तापमान 45 डिग्री के करीब बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं ने इन जिलों में लू (Heat Wave) की स्थिति पैदा कर दी है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं।
मालवा में रातों ने उड़ा रखी है नींद
अमूमन इंदौर और उज्जैन में रातें थोड़ी ठंडी होती हैं, लेकिन इस बार यहां के मौसम ने करवट बदल ली है। इन दोनों संभागों में रात का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। इसका मतलब है कि सूरज ढलने के बाद भी वातावरण की गर्मी कम नहीं हो रही है।
मौसम विभाग ने इसे ‘गर्म रात’ (Warm Night) की श्रेणी में रखा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा में नमी की कमी और शहरी कंक्रीट के कारण रातें ठंडी नहीं हो पा रही हैं, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
पचमढ़ी और अमरकंटक में अब भी राहत
एक तरफ जहां आधा प्रदेश भीषण गर्मी में तप रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ पहाड़ी इलाके अब भी सुकून दे रहे हैं। नर्मदापुरम जिले का पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसी तरह अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री रहा। इन इलाकों में हरियाली और ऊंचाई की वजह से गर्मी का असर मैदानी इलाकों की तुलना में काफी कम है, जो पर्यटकों के लिए राहत की बात है।
आंधी और बारिश का नया सिस्टम सक्रिय
गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर भी दी है। प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
वैज्ञानिकों ने इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। दरअसल, वर्तमान में अरब सागर से आ रही नमी और स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) की वजह से यह स्थिति बन रही है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदल सकता है मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार, 15 मई के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है। इसका सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। इस सिस्टम के आने से तापमान में थोड़ी गिरावट होने की उम्मीद है, हालांकि यह बदलाव बहुत बड़ा नहीं होगा।
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस बदलती परिस्थितियों में लू से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन बढ़ा दें और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में जाने से बचें। अचानक आने वाली आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से परहेज करना चाहिए।













