सावधान! MP में 44 डिग्री के पार जा सकता है पारा, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए दी बड़ी चेतावनी
- नर्मदापुरम में पारा 43.8 डिग्री पहुँचा, प्रदेश में सबसे गर्म रहा यह जिला।
- रायसेन, छिंदवाड़ा और टीकमगढ़ समेत 5 जिलों में लू (Heatwave) का येलो अलर्ट।
- अगले 48 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोत्तरी होने की संभावना।
Madhya Pradesh Weather Update : मध्य प्रदेश में इस समय सूरज की तपिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। अप्रैल का महीना खत्म होते-होते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है, जिसकी वजह से तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं देखी गई, बल्कि कई संभागों में पारा चढ़ने से लू (Heatwave) जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दो दिनों में गर्मी का यह असर और भी ज्यादा आक्रामक हो सकता है, जिससे आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ेगा।
नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा तपिश, बड़े शहरों का भी बुरा हाल
अगर हम वर्तमान स्थिति की बात करें, तो नर्मदापुरम जिला इस समय प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। यहाँ अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा है, जो इंसान की बर्दाश्त की सीमा को चुनौती दे रहा है।
राजधानी भोपाल की बात करें या फिर खजुराहो, नौगांव और सीधी जैसे शहरों की, यहाँ भी पारा 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है क्योंकि गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को घरों के अंदर रहने पर मजबूर कर रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि जहाँ एक तरफ पूरा प्रदेश तप रहा है, वहीं पचमढ़ी में रात का न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम है। हालांकि, दिन के समय पचमढ़ी में भी धूप का असर देखा जा रहा है। ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े केंद्रों में भी गर्मी का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जिससे दोपहर के समय काम करने वाले मजदूरों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इन जिलों में ‘लू’ का अलर्ट, रहें सावधान
मौसम विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कुछ विशेष जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़ और निवाड़ी ऐसे जिले हैं जहाँ लू चलने की प्रबल संभावना है। इन इलाकों में हवा की दिशा और शुष्कता ऐसी है कि गर्म हवाएं यानी ‘लू’ सीधे तौर पर स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जिलों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि यहाँ तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री तक अधिक रह सकता है। दोपहर के समय गर्म हवाएं शरीर की नमी को तेजी से सोख सकती हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
अगले 48 घंटों की भविष्यवाणी और भी चिंताजनक है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोत्तरी होने की पूरी संभावना है। इसका मतलब है कि कई शहरों में पारा 45 डिग्री के आंकड़े को भी छू सकता है।
इसके बाद के चार दिनों तक तापमान स्थिर तो रहेगा, लेकिन गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही है। प्रदेश में किसी भी प्रकार के पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर नहीं होने के कारण आसमान साफ रहेगा और सीधी धूप धरती को और अधिक तपाएगी।
विशेषज्ञों की सलाह: दोपहर में निकलने से बचें
गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे के बीच जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, तब बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। अगर बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो सिर को कपड़े से ढंककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।













