सिवनी में अनोखा मामला: पति ने खुद अपनी पत्नी को प्रेमी के साथ किया विदा, थाने में लिख कर दी रजामंदी
- शादी के दो साल बाद पत्नी ने प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया।
- पति ने विवाद के बजाय थाने में लिखित सहमति देकर पत्नी को विदा किया।
- प्रेमी ने भी पत्नी की पूरी जिम्मेदारी उठाने का पुलिस को वचन दिया।
Husband Wife Lover Case : मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सामाजिक बंधनों और कानूनी पेचीदगियों के बीच मानवीय रिश्तों का एक अलग ही पहलू पेश किया है। अक्सर वैवाहिक विवादों में हम पुलिस स्टेशन के चक्कर, आरोप-प्रत्यारोप और लंबी कानूनी लड़ाई की खबरें सुनते हैं, लेकिन सिवनी के केवलारी थाने में जो कुछ हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया।
यहां एक पति ने अपनी पत्नी के खुशी की खातिर उसे उसके प्रेमी के साथ जाने की न केवल इजाजत दी, बल्कि थाने में बाकायदा लिखित आवेदन भी सौंपा। यह पूरा वाकया 17 अप्रैल को घटित हुआ, जब पति, पत्नी और उसका प्रेमी तीनों थाने पहुंचे और आपसी सहमति से एक नए जीवन की शुरुआत का फैसला किया।
शादी के बाद भी बना रहा पुराना प्यार
इस पूरे मामले की जड़ें करीब डेढ़ साल पुरानी बताई जा रही हैं। ग्राम अहरवाड़ा के रहने वाले शशांक लखेरा का विवाह अप्रैल 2024 में अपूर्वा लखेरा के साथ हुआ था। शादी के बाद शशांक को धीरे-धीरे पता चला कि अपूर्वा का दिल कहीं और लगा हुआ है। अपूर्वा गांव के ही एक अन्य युवक जयदीप तिवारी से प्यार करती थी। यह रिश्ता शादी से पहले से चला आ रहा था और शादी के बाद भी खत्म नहीं हुआ। शशांक के मुताबिक, उसकी पत्नी घंटों मोबाइल पर जयदीप से बात करती थी और अक्सर उसकी अनुपस्थिति में दोनों की मुलाकातें भी होती थीं।
शुरुआत में इस मामले को पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर सुलझाने की कोशिश की गई। शशांक और समाज के अन्य गणमान्य लोगों ने कई बार अपूर्वा को समझाने का प्रयास किया कि वह अपने विवाहित जीवन पर ध्यान दे, लेकिन प्यार की जिद के आगे सारे तर्क फीके पड़ गए। अपूर्वा ने स्पष्ट कर दिया कि वह जयदीप के बिना नहीं रह सकती।
जब थाने पहुंचे पति, पत्नी और प्रेमी
जब विवाद ज्यादा बढ़ गया और समझौते की कोई गुंजाइश नहीं रही, तो यह मामला केवलारी थाने पहुंचा। 17 अप्रैल को एक अजीबोगरीब मंजर देखने को मिला जब शशांक, अपूर्वा और जयदीप एक साथ पुलिस के पास अपनी समस्या लेकर आए। अपूर्वा ने पुलिस के सामने स्पष्ट रूप से कह दिया कि वह अपने पति के साथ रिश्ता तोड़ना चाहती है और अपने प्रेमी जयदीप के साथ रहना चाहती है।
अपूर्वा ने थाने में लिखित आवेदन देकर अपनी मंशा जाहिर की। इसके साथ ही, प्रेमी जयदीप तिवारी ने भी साहस दिखाया और पुलिस को लिखित में दिया कि वह अपूर्वा को अपनी पत्नी बनाकर रखेगा और उसकी पूरी जिम्मेदारी उठाएगा। दोनों के बयानों के बाद पुलिस और वहां मौजूद लोग पति के फैसले का इंतजार कर रहे थे।
पति का फैसला और रिश्तों का नया मोड़
इस पूरी स्थिति में सबसे चौंकाने वाला मोड़ शशांक लखेरा का स्टैंड था। शशांक ने बिना किसी हंगामे या मारपीट के कड़वे सच को स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को दिए आवेदन में लिखा कि वह अपनी पत्नी को उसकी मर्जी से प्रेमी के साथ जाने की अनुमति देता है। शशांक का मानना था कि जिस रिश्ते में मन न जुड़ा हो, उसे जबरदस्ती खींचने का कोई मतलब नहीं है।
शशांक ने अपने बयान में कहा कि जब पत्नी अपनी खुशी जयदीप के साथ देख रही है, तो वह उसे रोकने वाला कोई नहीं होता। समाज और लोक-लाज की परवाह किए बिना शशांक ने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। थाने में हुए इस लिखित समझौते के बाद अपूर्वा अपने पति का घर छोड़कर प्रेमी जयदीप के साथ चली गई।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना यह अनूठा समझौता
आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में इस तरह के मामलों में काफी तनाव देखने को मिलता है, लेकिन केवलारी थाने के इस मामले ने दिखा दिया कि आपसी संवाद और समझदारी से विवादों को एक अलग दिशा दी जा सकती है। हालांकि, कानूनी रूप से विवाह विच्छेद की प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन जमीनी स्तर पर तीनों पक्षों ने जिस तरह से इस उलझन को सुलझाया, वह लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।












