गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ी, किसानों को राहत: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
- गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख अब 9 मई तक बढ़ाई गई
- 22 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं खरीदा जाएगा
- किसानों को सस्ती बिजली और सोलर पंप पर 90% सब्सिडी
Wheat Procurement Date MP : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन की अंतिम तारीख, जो पहले 30 अप्रैल तय थी, अब बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है। यह फैसला किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी फसल बेच सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर इस तारीख को आगे और बढ़ाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और उनकी आय सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
गेहूं खरीदी की अवधि बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त गेहूं खरीदने की मांग की थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के तहत 22 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं खरीदा जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के सम्मान और उनकी आर्थिक मजबूती के लिए उठाया गया है। ज्यादा खरीदी होने से किसानों को अपनी उपज बेचने का बेहतर मौका मिलेगा और उन्हें उचित दाम मिलने में मदद मिलेगी।
हर कदम पर अन्नदाताओं के साथ खड़ी है मध्यप्रदेश सरकार…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए किसानों के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।@DrMohanYadav51 @minmpkrishi #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/PUqFRZUbo3
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सरकार ने किसानों के लिए खरीदी स्लॉट भी खोल दिए हैं, जिससे वे अपनी सुविधा के अनुसार समय तय कर सकते हैं। अब शनिवार को भी गेहूं खरीदी होगी और हफ्ते में छह दिन यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
किसानों को राहत देने के लिए और क्या कदम उठाए गए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस साल को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मना रही है। इसी के तहत कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को सस्ती और आसान बिजली उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन देने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इसके अलावा, आने वाले समय में सिंचाई के लिए रात की बजाय दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना भी है। इससे किसानों को खेती के काम में ज्यादा सुविधा मिलेगी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी कम होंगी।
सोलर पंप पर 90% सब्सिडी, खेती को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार सोलर पंप पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी। इससे किसानों को बिजली पर निर्भरता कम करने और लागत घटाने में मदद मिलेगी। सोलर पंप से सिंचाई करने पर किसानों को लंबे समय में फायदा होगा और पर्यावरण के अनुकूल खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
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मध्य प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में प्रयास
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने डेयरी सेक्टर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्य प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में काम कर रही है।
दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उसके संग्रहण और विपणन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। किसानों को दूध पर 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ रही है।
सरकार का फोकस: किसान की आय और सुविधा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोहराया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और उनका पसीना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार लगातार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिससे खेती लाभ का सौदा बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।













