Earthquake in Tibet : भूकंप के झटकों ने तिब्बत को झंझोरा, 55 लोगों की मौत, भारत के कई राज्यों में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिब्बत में कम से कम 55 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं। भूकंप का केंद्र तिब्बत में था, लेकिन इसका असर भारत के विभिन्न हिस्सों में भी महसूस हुआ है।

Earthquake in Tibet : आज सुबह करीब 6 बजे तिब्बत में भूकंप के तीव्र झटकों ने क्षेत्र को हिला कर रख दिया। इस भीषण भूकंप ने न सिर्फ तिब्बत बल्कि भारत के कई राज्यों को भी प्रभावित किया। नेपाल से लेकर बिहार, सिक्किम और बंगाल तक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिब्बत में कम से कम 55 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं। भूकंप का केंद्र तिब्बत में था, लेकिन इसका असर भारत के विभिन्न हिस्सों में भी महसूस हुआ है। इस घटना से क्षेत्र में भारी तबाही मच गई है।
भूकंप की तीव्रता
तिब्बत में हुआ भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जो कि एक शक्तिशाली भूकंप माना जाता है। भूकंप का केंद्र तिब्बत के क्षेत्र में स्थित था, जो कि हिमालय की पर्वत श्रृंखला से जुड़ा हुआ है। यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। भूकंप के कारण कई इमारतें गिर गईं, सड़कों में दरारें पड़ गईं और बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
भारत में बिहार, सिक्किम, बंगाल और नेपाल में भी इस भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन क्षेत्रों में लोगों में घबराहट फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोग सड़क पर दौड़ते हुए दिखे और कुछ समय के लिए ट्रेनों और हवाई यात्रा सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
तिब्बत में भूकंप की तबाही
तिब्बत में भूकंप के कारण सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। भवनों के गिरने और सड़कें टूटने से भारी तबाही मच गई है। घटनास्थल पर राहत कार्यों की तेज़ी से शुरुआत की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, कई ग्रामीण इलाकों तक मदद नहीं पहुँच पाई है, जिससे मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
शुरुआत में 32 लोगों की मौत की खबर आई है, लेकिन माना जा रहा है कि असल संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है, क्योंकि राहत कार्य अभी भी जारी हैं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन राहत के कार्यों में जुटा हुआ है।
नेपाल, बिहार, सिक्किम और बंगाल में असर
भारत के विभिन्न राज्यों में भी भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। बिहार, सिक्किम, और पश्चिम बंगाल में लोग घबराए हुए थे और कुछ समय के लिए वे अपने घरों से बाहर निकल आए। खासकर बिहार में कई जगहों पर दीवारें और छतें टूटने की खबरें आईं। कई लोग सड़क पर आकर खड़े हो गए और कुछ जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ।
नेपाल में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और वहां भी कुछ इमारतें प्रभावित हुईं। नेपाल सरकार ने तत्काल राहत कार्यों की शुरुआत कर दी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
भूकंप के बाद द्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू
भूकंप के तुरंत बाद राहत कार्यों के लिए सेना और पुलिस प्रशासन को सक्रिय किया गया है। कई हेलीकॉप्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और चिकित्सा आपूर्ति भेजने के लिए भेजा गया है। हालात को देखते हुए, सरकार ने युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भूकंप के झटके अगले कुछ घंटों तक महसूस हो सकते हैं, इसलिए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के साथ-साथ मेडिकल सहायता भी प्रदान की जा रही है।