जज को फोन करने के मामले में बीजेपी विधायक संजय पाठक ने हाई कोर्ट में मांगी माफी, कोर्ट ने जताई नाराजगी
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में पेश हुए विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, अदालत ने कहा- यह दो पक्षों का विवाद नहीं बल्कि गंभीर मामला है।
BJP MLA News : कटनी जिले की विजयराघवगढ़ सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय पाठक मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। संजय पाठक ने जज को फोन करने के मामले में अदालत के सामने बिना शर्त माफी मांग ली है।
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच कर रही थी। सुनवाई के दौरान जब विधायक के वकील ने दलील दी कि फोन गलती से लग गया था, तो अदालत ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह कोई साधारण आपसी विवाद नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा विषय है जिस पर कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है।
हाई कोर्ट में विधायक संजय पाठक का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने रखा। उन्होंने अदालत को समझाने की कोशिश की कि जज को फोन जानबूझकर नहीं किया गया था, बल्कि वह गलती से लग गया था। हालांकि, बेंच इस तर्क से संतुष्ट नजर नहीं आई। माननीय जजों ने सवाल किया कि आखिर इतनी गंभीर चूक कैसे हो सकती है? अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए संजय पाठक ने बस इतना ही कहा कि मामला अभी न्यायालय के अधीन है, इसलिए इस पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
इस पूरे विवाद की जड़ कटनी के रहने वाले आशुतोष दीक्षित की एक याचिका है। उन्होंने संजय पाठक की कंपनियों पर अवैध खनन के आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में केस दायर किया था। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने सितंबर 2025 में खुद को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया था।
उन्होंने तब जानकारी दी थी कि बीजेपी विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की है, जो कि न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से सही नहीं है। इसके बाद ही मामला चीफ जस्टिस के पास पहुंचा और विधायक को नोटिस जारी किया गया।
ताजा सुनवाई में याचिकाकर्ता आशुतोष दीक्षित ने इस मामले में हस्तक्षेपकर्ता (Intervenor) बनने की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने फिलहाल खारिज कर दिया है। हालांकि, अदालत ने उन्हें अपनी बात रखने की पूरी आजादी दी है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 14 मई 2026 को तय की गई है। तब तक के लिए सभी की नजरें कोर्ट की अगली कार्रवाई और विधायक के भविष्य के कदमों पर टिकी हैं।











