Latest Big News

PWD के कार्यपालन यंत्री,एसडीओ ,उपयंत्री पर लोकायुक्त का शिकंजा, बिल पास करने के बदले मांग रहे थे रिश्वत

कार्यपालन यंत्री के आवास और एसडीओ, के दफ्तर में हुई कार्रवाई, 2.5 लाख रुपये बरामद; उपयंत्री भी भ्रष्टाचार की साजिश में शामिल

Lokayukta Trap : मध्य प्रदेश के इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते और भ्रष्टाचार की साजिश रचने के आरोप में पकड़ा है। लोकायुक्त महानिदेशक के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE), अनुविभागीय अधिकारी (SDO) और एक उपयंत्री (Sub-Engineer) के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की है।

ठेकेदार की शिकायत पर बिछाया गया जाल

यह पूरा मामला एक ठेकेदार के भुगतान से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, पटेल एंटरप्राइज के संचालक राजपाल सिंह पंवार ने इंदौर लोकायुक्त एसपी से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनके द्वारा किए गए कार्यों का अंतिम बिल पास करने के बदले में PWD के अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की टीम ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की।

अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश

लोकायुक्त की टीम ने योजना के अनुसार दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। सबसे पहले कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम के सरकारी निवास पर दबिश दी गई, जहां उनके पास से 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई। इसके साथ ही, विभाग के अनुविभागीय अधिकारी टी.के. जैन को उनके दफ्तर के पोर्च में 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कम रिश्वत मिलने पर उपयंत्री ने जताया विरोध

इस कार्रवाई में एक चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया है। मामले में शामिल उपयंत्री अंशु दुबे ने रिश्वत की राशि को कम बताते हुए उसे लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि, लोकायुक्त पुलिस ने जांच में पाया कि वह इस पूरी भ्रष्टाचार की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थीं। इस कारण पुलिस ने अंशु दुबे को भी मामले में आरोपी बनाया है और उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

विभाग में हड़कंप और आगामी कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों से बरामद किए गए नोटों को रासायनिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद इंदौर के लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त की टीम अब इस मामले में अन्य तकनीकी पहलुओं और दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क की पूरी गहराई का पता लगाया जा सके।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *