MP News : लोकायुक्त का बड़ा एक्शन, लकड़ी परिवहन के नाम 5000 की घूस लेते पकड़ा गया वनरक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
MP News : मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में सागर लोकायुक्त की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए दबोचा है। आरोपी वनरक्षक ने उत्तर प्रदेश लकड़ी ले जाने की अनुमति देने के बदले मोटी रकम की मांग की थी।
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लोकायुक्त पुलिस सागर ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जिले के कुंडेश्वर बीट में तैनात एक वनरक्षक को लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
यह पूरी कार्रवाई शहर के व्यस्ततम मिश्रा तिराहे पर अंजाम दी गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आरोपी वनरक्षक की पहचान अरुण अहिरवार के रूप में हुई है, जो लकड़ी व्यापारी से अवैध वसूली की कोशिश कर रहा था।
भ्रष्टाचार का यह मामला उस समय सामने आया जब लकड़ी का कारोबार करने वाले अरबाज खान ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई। अरबाज ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि वह मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश लकड़ी ले जाने का काम करता है।
इस वैध कार्य के बावजूद, कुंडेश्वर बीट में पदस्थ वनरक्षक अरुण अहिरवार उसे लगातार परेशान कर रहा था। आरोपी ने अरबाज को धमकाया था कि यदि उसे अपनी लकड़ी की खेप सुरक्षित रूप से सीमा पार पहुंचानी है, तो उसे 20,000 रुपये की रिश्वत देनी होगी।
शिकायतकर्ता अरबाज खान के अनुसार, वनरक्षक अरुण अहिरवार पिछले काफी समय से उस पर दबाव बना रहा था। वह लकड़ी से लदे वाहनों को रोकने और उन पर फर्जी कार्रवाई करने की धमकी देकर पैसों की मांग कर रहा था। अरबाज भ्रष्टाचार के इस तंत्र का हिस्सा नहीं बनना चाहता था, इसलिए उसने हिम्मत दिखाई और लोकायुक्त पुलिस की शरण ली।
सागर लोकायुक्त के अधिकारियों ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले मामले का सत्यापन किया। जब यह पुष्टि हो गई कि वनरक्षक वास्तव में रिश्वत मांग रहा है, तो टीम ने उसे जाल बिछाकर पकड़ने की योजना तैयार की।
योजना के मुताबिक, गुरुवार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये देना तय हुआ। वनरक्षक ने अरबाज को पैसे देने के लिए टीकमगढ़ शहर के मिश्रा तिराहे पर बुलाया। जैसे ही अरुण अहिरवार ने अरबाज से रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
टीम ने तत्काल उसके हाथ धुलवाए, तो वे गुलाबी हो गए, जो इस बात का रासायनिक प्रमाण था कि उसने रिश्वत के नोटों को छुआ है। इस अचानक हुई कार्रवाई से वनरक्षक को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
लोकायुक्त टीम की इस कार्रवाई के दौरान मिश्रा तिराहे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सरकारी कर्मचारी को सरेआम रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। लोकायुक्त के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस अवैध वसूली के खेल में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। वन विभाग में इस तरह की घटना सामने आने के बाद विभाग की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल, लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम टीकमगढ़ के सर्किट हाउस में आगे की कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है। आरोपी वनरक्षक को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है।













