रिश्तों का कत्ल: शादी का कार्ड देने के बहाने आए हत्यारे, पैर छूकर लिया आशीर्वाद फिर की हत्या
Shivpuri crime news today | मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मानवता और रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। तेंदुआ थाना क्षेत्र के देहरवारा गांव में दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक बुजुर्ग महिला की घर के बाहर ही गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर शादी का कार्ड देने के बहाने आए थे और उन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले महिला के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया था।
दिनदहाड़े वारदात से गांव में दहशत
शिवपुरी जिले के देहरवारा गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बाइक पर सवार होकर आए तीन युवकों ने रामसखी धाकड़ के घर का दरवाजा खटखटाया। बदमाशों ने खुद को शादी का निमंत्रण देने वाला बताया। जैसे ही रामसखी कार्ड लेने के लिए घर से बाहर निकलीं, एक युवक ने उनके सम्मान में पैर छुए।
इससे पहले कि रामसखी कुछ समझ पातीं, युवक ने तुरंत अपनी जेब से हथियार निकाला और उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगने के तुरंत बाद बुजुर्ग महिला जमीन पर गिर गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
चश्मदीद नातिन ने बयां किया मंजर
जिस समय यह खौफनाक वारदात हुई, रामसखी की नातिन राधिका आंगन में ही मौजूद थी। उसने अपनी आंखों से बदमाशों को हमला करते और वहां से भागते हुए देखा। गोली चलने की आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। परिजन आनन-फानन में घायल महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही पूरे गांव में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है।
35 बीघा जमीन और पुरानी रंजिश
इस हत्याकांड के पीछे गहरी पारिवारिक कलह और संपत्ति का विवाद सामने आ रहा है। मृतिका रामसखी ने करीब 35 साल पहले लक्ष्मी नारायण लोधी से दूसरी शादी की थी। लक्ष्मी नारायण की पहली पत्नी से तीन बेटे और दो बेटियां थीं। रामसखी अपने साथ पहले पति से हुए बेटे मुनेश धाकड़ को भी लेकर आई थीं। वर्तमान में मुनेश इंदौर में रहता है और अपनी मां के इलाज के लिए गांव आया हुआ था। विवाद की मुख्य जड़ 35 बीघा जमीन का बंटवारा है।
सौतेले बेटों पर साजिश का आरोप
मृतिका के भाई महेश धाकड़ ने सीधे तौर पर रामसखी के सौतेले बेटों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। महेश के अनुसार, लक्ष्मी नारायण की जमीन का बंटवारा हो चुका था और रामसखी अपने हिस्से की जमीन मुनेश के नाम करना चाहती थीं।
इसकी कानूनी प्रक्रिया भी चल रही थी, जिसका विरोध सौतेले बेटे शिवराज, साहब सिंह और रामकृष्ण कर रहे थे। परिजनों का दावा है कि इसी जमीन के लालच में योजनाबद्ध तरीके से सुपारी देकर या खुद शामिल होकर इस हत्या को अंजाम दिया गया है।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
तेंदुआ थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस परिवार के सदस्यों और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है, लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और वारदात के पीछे के असली मास्टरमाइंड का पर्दाफाश होगा।












