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MP News: सतना पुलिसकर्मियों ने फरियादी के 65 हजार फूंककर किया गोवा टूर, मीडिया में खबर आते ही गिरी गाज

MP News : मध्यप्रदेश के सतना जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। यहां के सिविल लाइन थाने में तैनात दो प्रधान आरक्षकों को एक गुमशुदा महिला की तलाश के बहाने उसके पीड़ित पति के खर्च पर गोवा की सैर करने के आरोप में लाइन अटैच कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद हरकत में आए पुलिस प्रशासन ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। आरोप है कि दोनों ने महिला की लोकेशन गोवा में बताकर पीड़ित पर वहां जाने का दबाव बनाया और उसके करीब 65 हजार रुपये खर्च करवा दिए।

लोकेशन का बहाना और गोवा का टूर

मामला सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। एक व्यक्ति की पत्नी अचानक लापता हो गई थी, जिसकी शिकायत उसने थाने में दर्ज कराई थी। मामले की जांच कर रहे प्रधान आरक्षक निरंजन मेहरा और रंजीत सिंह ने पीड़ित पति को दिलासा देने और उसकी मदद करने के बजाय अपनी सुख-सुविधा का जरिया ढूंढ लिया।

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उन्होंने दावा किया कि लापता महिला की मोबाइल लोकेशन गोवा में मिल रही है। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने पीड़ित पर दबाव बनाया कि अगर उसे अपनी पत्नी को वापस पाना है, तो उन्हें तुरंत गोवा ले जाना होगा।

पीड़ित की जेब पर पड़ा भारी बोझ

परेशान पति अपनी पत्नी को किसी भी हाल में वापस पाना चाहता था, इसलिए वह पुलिसवालों के झांसे में आ गया। दोनों प्रधान आरक्षकों ने गोवा जाने, वहां ठहरने और खाने-पीने का पूरा खर्च पीड़ित के सिर पर डाल दिया। इस पूरे सफर में पीड़ित के लगभग 65 हजार रुपये खर्च हो गए।

इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी पुलिस को महिला का कोई सुराग नहीं मिला। हद तो तब हो गई जब दोनों पुलिसकर्मियों ने काम पूरा न होने पर दोबारा गोवा जाने के लिए पीड़ित पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

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मीडिया और सीएम हेल्पलाइन से मिली मदद

जब पीड़ित को समझ आया कि उसे मदद के नाम पर सिर्फ ठगा जा रहा है, तो उसने हिम्मत जुटाई। उसने थक-हारकर इस पूरी मनमानी की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई। इसके बाद इस मामले को मीडिया मे उठाया गया। खबर के सामने आते ही पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए और चारों तरफ थू-थू होने लगी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। दोनों आरोपी प्रधान आरक्षकों, निरंजन मेहरा और रंजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि मामले की विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे और भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

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