पुलिस का कारनामा: लापता पत्नी की तलाश के नाम पर पीड़ित के पैसों से उड़ाई गोवा की मौज
- सतना के सिविल लाइन क्षेत्र की महिला 11 मार्च से है लापता।
- पुलिस ने लोकेशन गोवा बताकर पति के खर्च पर की यात्रा।
- पीड़ित पति के करीब 65 हजार रुपए हुए खर्च, काम कुछ नहीं हुआ।
- दोबारा गोवा जाने के लिए पुलिस दे रही पीड़ित को धमकी।
- परेशान पति ने अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लगाई न्याय की गुहार।
Mp Police News Today : मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने पुलिस पर उसकी लापता पत्नी को ढूंढने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निवासी इस व्यक्ति की पत्नी 11 मार्च से लापता है। आरोप है कि पुलिसकर्मी उसे गोवा में पत्नी की लोकेशन बताकर वहां ले गए, पूरा खर्च उससे वसूला, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अब पीड़ित ने इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई है।
मजबूरी का फायदा और गोवा का ‘सरकारी सफर’
पीड़ित शख्स के मुताबिक, उसकी पत्नी पिछले डेढ़ महीने से गायब है। घर में तीन छोटे-छोटे बच्चे अपनी माँ का इंतजार कर रहे हैं, जिनमें सबसे छोटा बच्चा महज 3 साल का है।
अपनी पत्नी को वापस पाने की आस में जब वह पुलिस के पास पहुँचा, तो उसे जांच का भरोसा दिलाने के बजाय खर्चों का बोझ थमा दिया गया। पुलिसकर्मियों ने दावा किया कि उसकी पत्नी की लोकेशन गोवा में मिली है और उसे पकड़ने के लिए वहां जाना होगा।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने इस पूरी जांच का वित्तीय भार खुद पीड़ित के कंधों पर डाल दिया। पीड़ित पति ने अपनी जमा-पूंजी जोड़कर पुलिसकर्मियों की गोवा यात्रा, वहां रुकने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम किया। इस पूरे सफर में पीड़ित के लगभग 65 हजार रुपए खर्च हो गए, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
पुलिसकर्मियों का ‘मन’ फिर से गोवा जाने का
गोवा से खाली हाथ लौटने के बाद पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और भी संदिग्ध हो गई। आरोप है कि कुछ दिन बीतने के बाद पुलिसकर्मियों का ‘मन’ फिर से गोवा जाने का हुआ और उन्होंने पीड़ित पर दोबारा फ्लाइट की टिकट बुक करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने और पैसे खर्च करने में असमर्थता जताई, तो पुलिसकर्मियों ने उसे धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर पत्नी को वापस पाना है, तो पैसा तो खर्च करना ही पड़ेगा।
सीएम हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाया
पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार और आर्थिक शोषण से तंग आकर आखिरकार पीड़ित शख्स ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) में शिकायत दर्ज कराई है।
उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह पहले से ही पत्नी के जाने से टूटा हुआ है और अब पुलिस की इन अनुचित मांगों ने उसकी कमर तोड़ दी है।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर मध्य प्रदेश पुलिस की छवि पर दाग लगाया है। अब देखना यह होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या उस बेबस पिता को उसकी पत्नी और बच्चों को उनकी माँ वापस मिल पाती है।












