नगर निगम की रिसाइक्लिंग यूनिट में भीषण आग, 150 टन पुराने कपड़े जलकर राख
- भोपाल के अन्ना नगर में रिसाइक्लिंग यूनिट में शनिवार रात भीषण आग लगी।
- हादसे में लगभग 150 टन कपड़ों का स्टॉक और MRF प्लांट जलकर खाक हो गया।
- दमकल विभाग को आग बुझाने में 8 घंटे लगे और 15 टैंकर पानी का इस्तेमाल हुआ।
Bhopal Fire News today : भोपाल के अन्ना नगर स्थित नगर निगम की रिसाइक्लिंग यूनिट में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें यूनिट के अंदर रखा करीब 150 टन पुराने कपड़ों का स्टॉक पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
दमकल विभाग की टीमों को इस आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब आठ घंटे का लंबा समय लगा। फिलहाल राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।
रात भर चला राहत और बचाव कार्य
आग लगने की जानकारी मिलते ही भोपाल नगर निगम (बीएमसी) के फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। अन्ना नगर इलाका घनी बस्ती और मुख्य मार्ग के पास होने के कारण देर रात वहां काफी भीड़ जमा हो गई थी। स्थिति को संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को भी तैनात करना पड़ा। फायर फाइटर्स ने रात भर मशक्कत की और लगभग 15 टैंकर पानी और 4 फायर ब्रिगेड गाड़ियों की मदद से रविवार सुबह तक आग को बुझाया जा सका।
15 दिन पहले ही मिला था काम शुरू करने का पत्र
यह रिसाइक्लिंग यूनिट शहर के अन्ना नगर क्षेत्र में स्थित है और इसे करीब 25 लाख रुपये की लागत से पीपीपी (PPP) मोड पर तैयार किया गया था। पिछले एक महीने से यह यूनिट किसी कारणवश बंद पड़ी थी। दिलचस्प बात यह है कि महज 15 दिन पहले ही नगर निगम की ओर से इस यूनिट को दोबारा चालू करने के लिए संबंधित पक्ष को पत्र भेजा गया था। काम फिर से शुरू होने की तैयारी के बीच ही यह अग्निकांड हो गया, जिससे पूरी व्यवस्था ठप हो गई है।
नुकसान का आकलन और जांच जारी
आग इतनी भीषण थी कि कपड़ों के ढेर के साथ-साथ निगम की मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रिसाइक्लिंग के लिए जमा किया गया सारा कच्चा माल अब राख के ढेर में बदल चुका है। दमकल अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस और निगम प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई और वजह थी।











