Online Satta Racket : कपड़े की दुकान में सज रही थी सट्टे की महफिल, पुलिस ने रंगे हाथों पकड़े 5 बुकी
- भोपाल देहात पुलिस ने आईपीएल सट्टे के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया।
- सट्टेबाज कपड़े की दुकान को ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
- पुलिस ने मौके से कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- आरोपियों के पास से 6 मोबाइल और नकदी बरामद की गई है।
- मोबाइल रिकॉर्ड में लाखों रुपये के डिजिटल लेन-देन के सबूत मिले हैं।
Online Satta Racket : भोपाल देहात पुलिस ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक कपड़ा दुकान पर छापेमारी कर पांच सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है, जो व्यापार की आड़ में अवैध रूप से सट्टे का नेटवर्क चला रहे थे। यह कार्रवाई भोपाल के देहात इलाके में हुई, जहां पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन और 17 हजार 615 रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल में लाखों रुपये के डिजिटल लेन-देन के सबूत भी मिले हैं।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कपड़ों की दुकान के अंदर कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। जब पुलिस टीम ने वहां दबिश दी, तो पता चला कि दुकान तो सिर्फ एक दिखावा थी, असली काम तो मोबाइल के जरिए क्रिकेट मैचों पर हार-जीत का दांव लगवाना था। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी अलग-अलग मोबाइल आईडी का इस्तेमाल कर ऑनलाइन सट्टा ले रहे थे। इन आईडी के जरिए वे लोगों को जोड़ते थे और बड़े पैमाने पर पैसों का हेरफेर किया जा रहा था।
पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन खंगालने पर पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। इन डिवाइस में न केवल सट्टे का रिकॉर्ड मिला, बल्कि डिजिटल वॉलेट में लाखों रुपये का बैलेंस भी दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और इन्होंने अपना नेटवर्क फैलाने के लिए कई लोगों को सट्टा आईडी बांट रखी थी। मोबाइल में मिले डेटा से यह साफ हो गया है कि अब तक लाखों रुपये का सट्टा लगाया जा चुका है।
फिलहाल पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन सट्टेबाजों के तार किन बड़े शहरों या अन्य बुकीज से जुड़े हैं। पुलिस का कहना है कि आईपीएल सीजन के दौरान इस तरह की अवैध गतिविधियों पर उनकी पैनी नजर है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।










