MP Farmer Bonus News: अन्नदाताओं के चेहरे पर आएगी मुस्कान! मोहन यादव सरकार आज कर सकती है बोनस की बौछार, जानें आपको क्या मिलेगा
- भोपाल में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक होगी।
- दलहन फसलों (उड़द और मसूर) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बोनस पर बड़ा फैसला संभव है।
- उड़द उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर ₹600 प्रति क्विंटल तक का बोनस मिल सकता है।
- नई दाल मिलें शुरू करने के लिए सरकार ₹25 लाख तक की सब्सिडी देने पर विचार कर रही है।
- कैबिनेट बैठक से पहले सीएम मंत्रियों के साथ मानसून पूर्व की तैयारियों और 5 साल के रोडमैप पर चर्चा करेंगे।
MP cabinet meeting today live updates : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी मंगलवार, 5 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और दलहन फसलों के उत्पादन को रफ्तार देने के लिए कई बड़े फैसले ले सकती है।
माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक में मसूर और उड़द उगाने वाले किसानों के लिए विशेष बोनस योजना को मंजूरी दे सकती है, जिससे सीधे तौर पर प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा पहुंचेगा। इसके साथ ही, मानसून से पहले की तैयारियों और आगामी पांच वर्षों की विभागीय योजनाओं पर भी मंत्रियों के साथ गहन मंथन होगा।
दलहन फसलों पर सरकार का खास जोर
मध्य प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान इस समय राज्य में दालों (दलहन) के उत्पादन को बढ़ावा देने पर है। इसके लिए केंद्र सरकार की मदद से सूबे में अरहर, उड़द और मसूर की खेती को मजबूत करने के लिए एक विशेष 6-वर्षीय योजना पर काम चल रहा है।
आज की बैठक में इसी योजना के तहत किसानों को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने की तैयारी है। सरकार चाहती है कि पारंपरिक फसलों के साथ-साथ किसान दलहन की तरफ भी बढ़ें, ताकि उनकी जेब में ज्यादा पैसा आए और जमीन की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहे।
उड़द पर ₹600 तक के बोनस की तैयारी
खेती-किसानी से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस कैबिनेट बैठक में उड़द उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा 600 रुपये प्रति क्विंटल तक का अतिरिक्त बोनस देने पर गंभीर चर्चा चल रही है। अगर इस प्रस्ताव पर मुहर लगती है, तो यह उड़द की खेती करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगी।
इससे न सिर्फ बाजार में किसानों को उनकी फसल के बेहतर दाम मिलेंगे, बल्कि वे आगे भी इन फसलों को उगाने के लिए प्रेरित होंगे। इसके अलावा, दलहन और तिलहन की खरीदी प्रक्रिया को और तेज व पारदर्शी बनाने के लिए नई नीतियों को लागू किया जा सकता है।
दाल मिलों के लिए 25 लाख रुपये की सब्सिडी
सरकार सिर्फ फसल उगाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि फसलों की प्रोसेसिंग यानी प्रसंस्करण को भी बढ़ावा देना चाहती है। यही वजह है कि राज्य में नई दाल मिलें शुरू करने के लिए कारोबारियों और किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कैबिनेट में इस बात पर विचार हो रहा है कि नई दाल मिल स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाए। इसके साथ ही, किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज और आधुनिक कृषि तकनीक आसानी से उपलब्ध कराने के रास्ते तलाशे जा रहे हैं, ताकि पैदावार में कोई कमी न रहे।
5 साल का रोडमैप और मानसून की तैयारियां
आज की इस महत्वपूर्ण बैठक का एजेंडा सिर्फ किसानों तक ही सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक से ठीक पहले सभी मंत्रियों के साथ एक खास अनौपचारिक चर्चा भी करेंगे। इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी मानसून से पहले की तैयारियां होंगी, ताकि बारिश के मौसम में आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा, विभिन्न सरकारी विभागों की अगले पांच सालों तक चलने वाली योजनाओं और उन पर होने वाले संभावित खर्च के बजट को भी आज कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है













