जबलपुर बरगी क्रूज हादसा: राज्य सरकार ने बनाई जांच कमेटी 15 दिन में आएगी रिपोर्ट, जानिए कौन-कौन है जांच कमेटी में शामिल
- जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज डूब गया था।
- इस दर्दनाक हादसे में कुल 13 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
- राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी गठित की है।
- यह राज्य स्तरीय कमेटी हादसे के कारणों की जांच कर अगले 15 दिनों में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
- हादसे के समय हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी और क्रूज किनारे से लगभग 300 मीटर दूर था।
Jabalpur Bargi Cruise Accident : जबलपुर के बरगी डैम में बीते दिनों हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में बनी यह 4 सदस्यीय कमेटी अगले 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
बता दें कि 30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे बरगी डैम में पर्यटकों से भरा मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक डूब गया था। इस भीषण हादसे में 13 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि प्रशासन और बचाव दल ने समय रहते 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। अब यह कमेटी पता लगाएगी कि आखिर इस बड़े हादसे की असली वजह क्या थी और क्या वहां सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।
जांच कमेटी में कौन-कौन शामिल और क्या है इनका काम?
इस बड़े हादसे के बाद सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने जो कमेटी बनाई है, उसकी कमान अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को सौंपी गई है। इस कमेटी में उनके साथ तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
इनमें एडी होमगार्ड व सिविल डिफेंस, जबलपुर संभागायुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव शामिल हैं। इस कमेटी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हादसे के हर पहलू की बारीकी से जांच करें और 15 दिनों के अंदर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार के सामने पेश करें, ताकि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी हवा
यह दर्दनाक हादसा 30 अप्रैल की शाम को उस समय हुआ जब लोग क्रूज पर सवार होकर बरगी डैम के खूबसूरत नजारों का आनंद ले रहे थे। क्रूज पर कुल 47 पर्यटक सवार थे। किनारे से महज 300 मीटर की दूरी पर अचानक मौसम बदला और करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं।
इन तेज हवाओं और लहरों के थपेड़ों को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का यह क्रूज झेल नहीं पाया और अनियंत्रित होकर पानी में समाने लगा। चीख-पुकार के बीच तुरंत बचाव कार्य शुरू हुआ और सूझबूझ से 28 पर्यटकों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन बाकी लोगों को नहीं बचाया जा सका।
चार दिनों तक चला शवों को निकालने का सिलसिला
हादसे के बाद बरगी डैम में लगातार चार दिनों तक सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। 30 अप्रैल को हादसे के कुछ ही घंटों के भीतर बचाव दल ने 4 शवों को बाहर निकाल लिया था। इसके बाद अगले दिन यानी 1 मई को 5 और शव मिले।
खोजबीन जारी रही और 2 मई को 2 शव तथा 3 मई को आखिरी 2 शव बरामद किए गए। इस तरह इस हादसे में कुल 13 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिनमें 1 पुरुष, 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल थीं।
इस हादसे में जान गंवाने वालों में नीतू सोनी (43 वर्ष), सौभाग्यम अलागन (42 वर्ष), मधुर मौसी (62 वर्ष), करकुलाझी, रेशमा सैयद, शमीम नकवी, मरीना मौसी, ज्योति सेन, त्रिशान, श्रीतमिल, विराज सोनी, मयूरन और कमराज शामिल हैं, जिनके परिवारों में अब सिर्फ मातम पसरा है।












