EOW की बड़ी कार्रवाई: पीसीसी रोड के भुगतान के लिए मांग रहा था 1 लाख की रिश्वत, पंचायत सचिव ₹10,000 लेते रंगेहाथों गिरफ्तार
MP EOW Trap News : मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की रीवा टीम ने गुरुवार को बलभद्रगढ़ ग्राम पंचायत के सचिव शरदचंद्र गिरी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
सचिव ने एक स्थानीय ठेकेदार प्रकाश यादव से पीसीसी सड़क निर्माण के रुके हुए भुगतान को जारी करने (DSC सिग्नेचर और OTP जनरेट करने) के एवज में कुल 1 लाख रुपये की घूस मांगी थी, जिसकी पहली किस्त लेते समय EOW ने उसे दबोच लिया।
डिजिटल सिग्नेचर और OTP के नाम पर खेल
यह पूरा मामला मऊगंज जिले की हनुमना जनपद अंतर्गत आने वाली बलभद्रगढ़ ग्राम पंचायत का है। यहां के एक ठेकेदार प्रकाश यादव ने गांव में पीसीसी रोड का निर्माण कार्य पूरा किया था। सरकारी नियमों के तहत काम पूरा होने के बाद उन्होंने 12 मई को अपने भुगतान के लिए आवेदन किया।
आज के डिजिटल दौर में सरकारी भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू है, जिसके तहत पंचायत सचिव के डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और उनके मोबाइल पर आने वाले OTP के बिना राशि ट्रांसफर नहीं हो सकती। लेकिन आरोपी सचिव शरदचंद्र गिरी ने इसी डिजिटल प्रक्रिया को ठेकेदार को परेशान करने का जरिया बना लिया और काम के बदले 1 लाख रुपये की मांग पर अड़ गया।
जब ठेकेदार ने ठानी सबक सिखाने की बात
भुगतान के बदले इतनी मोटी रकम मांगे जाने से परेशान होकर ठेकेदार प्रकाश यादव ने घूस देने के बजाय कानून का रास्ता चुना। उन्होंने रीवा स्थित EOW कार्यालय में जाकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
EOW के पुलिस अधीक्षक (SP) अरविंद ठाकुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम को शिकायत की जांच सौंपी। जब शुरुआती जांच और वॉयस रिकॉर्डिंग के जरिए शिकायत पूरी तरह सही पाई गई, तो टीम ने पंचायत सचिव को रंगेहाथों पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया।
पहली किस्त लेते ही दबोचा, पंचायत में मचा हड़कंप
रणनीति के मुताबिक, गुरुवार को EOW की टीम ने ठेकेदार प्रकाश यादव को केमिकल युक्त नोटों के साथ 10 हजार रुपये की पहली किस्त देकर सचिव के पास भेजा। जैसे ही सचिव शरदचंद्र गिरी ने चालाकी से रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में तैनात EOW की टीम ने उसे दबोच लिया।
टीम ने जब आरोपी सचिव के हाथ धुलवाए तो केमिकल के कारण उनका रंग गुलाबी हो गया, जो इस बात का पक्का सबूत था कि उसने रिश्वत के पैसे छुए थे। इस अचानक हुई छापेमारी से पूरी पंचायत और जनपद कार्यालय में हड़कंप मच गया।
EOW एसपी का बयान और आगामी कार्रवाई
मामले की पुष्टि करते हुए EOW एसपी अरविंद ठाकुर ने बताया कि पीसीसी रोड निर्माण के भुगतान के एवज में रुपयों की मांग की गई थी। पीड़ित की शिकायत की पूरी तस्दीक करने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई है और आरोपी को 10 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया है।
EOW पुलिस अब आरोपी सचिव शरदचंद्र गिरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच कर रही है। मध्य प्रदेश में लोकायुक्त और EOW की लगातार कार्रवाइयों के बाद भी जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार का यह खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।












