Jabalpur Bargi Cruise Tragedy : मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन, ये अधिकारी नपे और जांच के सख्त आदेश
- क्रूज के पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी को नौकरी से निकाला गया।
- होटल मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर सुनील मरावी निलंबित, रीजनल मैनेजर पर जांच शुरू।
- मृतकों के परिजनों को केंद्र से 2 लाख और राज्य से 4 लाख रुपये का मुआवजा।
- हादसे की जांच के लिए होमगार्ड डीजी और संभागायुक्त की हाई लेवल कमेटी गठित।
- रेस्क्यू करने वाले जांबाज श्रमिकों को 51-51 हजार रुपये का इनाम और राजकीय सम्मान।
Jabalpur Bargi Cruise Tragedy : जबलपुर के बरगी जलाशय में गुरुवार शाम को हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के अगले ही दिन, शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद बरगी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के कड़े तेवर देखते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
हादसे में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर क्रूज के पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दी गई हैं, जबकि होटल मैनेजर को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
लापरवाही पर गिरी गाज, कई अधिकारी नपे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दोषियों को चिन्हित करने में देरी नहीं की। क्रूज संचालन में सीधे तौर पर जुड़े क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है। इसके अलावा, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
मामला यहीं नहीं थमा, प्रशासन ने रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा पर भी विभागीय जांच बैठा दी है और उन्हें फिलहाल मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने खुद संभाली कमान, उच्चस्तरीय जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम को सीधे घटनास्थल बरगी बांध पहुंचे। वहां उन्होंने सैन्य अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकियों को समझा। सेना के अधिकारी एस. बनर्जी ने उन्हें बताया कि किस तरह से बचाव कार्य चलाया गया।
मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इस टीम में होमगार्ड के महानिदेशक, शासन के सचिव और जबलपुर संभागायुक्त को शामिल किया गया है। यह कमेटी न केवल हादसे के कारणों का पता लगाएगी, बल्कि भविष्य के लिए एक पुख्ता एसओपी (SOP) भी तैयार करेगी ताकि दोबारा ऐसा हादसा न हो।

पीड़ितों को मरहम: आर्थिक सहायता का ऐलान
हादसे का शिकार हुए परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि अपनों को खोने का दुख शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता और इसकी भरपाई कोई भी राशि नहीं कर सकती। हालांकि, प्रभावित परिवारों को संबल देने के लिए उन्होंने मुआवजे का ऐलान किया।
जबलपुर में बरगी जलाशय में हुई दुर्घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। जांच में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्रूज संचालन से जुड़ी एसओपी तैयार की जाएगी।
ये खबर भी पढ़ें…पास ही में जल जीवन मिशन का कार्य चल… pic.twitter.com/rTmYE0TQJ9
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 1, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दुख की इस घड़ी में वह हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
जांबाज बचावकर्मियों का सम्मान और इनाम
जहां एक तरफ लापरवाही पर गुस्सा था, वहीं दूसरी तरफ जान बचाने वाले हीरोज के लिए मुख्यमंत्री ने दिल खोलकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के श्रमिकों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के गोताखोरों की सूझबूझ और बहादुरी की वजह से 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका।
जबलपुर में बरगी जलाशय में हुए दुखद क्रूज हादसे में लापरवाही के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं।
होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के…
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 1, 2026
इन जांबाज बचावकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को 51-51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, इन सभी को राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित भी किया जाएगा। प्रशासन अब जलाशय में सुरक्षा के नए नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है।













