नरसिंहपुर में बड़ा बैंक फ्रॉड: दोस्त के खाते से 17 दिन में ट्रांसफर हुए 2.52 करोड़, नेपाल तक जुड़े तार
- नरसिंहपुर के अंकित सोनी के नाम पर खुलवाए गए बैंक खाते से मात्र 17 दिनों में 2.52 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ।
- मुख्य आरोपी अभिषेक सिलावट ने एक्सीडेंट क्लेम का झांसा देकर अपने ही परिचित का खाता खुलवाया और एटीएम-चेकबुक अपने पास रख लिए।
- पुलिस की जांच में तीन मुख्य खातों से कुल 21.41 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, जिसके तार लखनऊ और नेपाल से जुड़े हैं।
Narsinghpur Police : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में पुलिस ने एक ऐसे बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड और बैंक धोखाधड़ी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है। यहाँ एक शातिर जालसाज ने अपने ही दोस्त को झांसे में रखकर उसके नाम पर एक ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Account) खुलवाया और मात्र 17 दिनों के भीतर उस खाते से 2.52 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन कर डाला।
जब पुलिस ने 10 मई 2026 को मिली शिकायत के बाद इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो कड़ियाँ जुड़ती चली गईं। पुलिस को कुल 21.41 करोड़ रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन का चौंकाने वाला सच पता चला है, जिसके तार लखनऊ से लेकर नेपाल तक जुड़े हुए हैं। नरसिंहपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अभिषेक सिलावट को बाईपास क्षेत्र से धर दबोचा है।
मदद के नाम पर बुना गया विश्वासघात का ताना-बाना
यह पूरा मामला तब सामने आया जब नरसिंहपुर के महाजनी वार्ड के रहने वाले पीड़ित अंकित सोनी ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। अंकित ने पुलिस को बताया कि जुलाई 2025 में उनके एक परिचित अभिषेक सिलावट (निवासी बहोरीपार) ने उनसे संपर्क किया था।
अभिषेक ने एक झूठी कहानी रची कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और बीमा कंपनी से क्लेम की एक मोटी रकम मिलनी है, जिसके लिए उसे एक नए बैंक खाते की सख्त जरूरत है।
अंकित ने दोस्ती और इंसानियत के नाते उसकी मदद करने का फैसला किया और बैंक ऑफ बड़ौदा की नरसिंहपुर शाखा में अपना खाता खुलवा दिया। लेकिन अंकित को यह कतई अंदाजा नहीं था कि उसका यह मददगार रवैया उसे एक बहुत बड़ी मुसीबत में धकेल देगा।
चालाकी से बदला मोबाइल नंबर और अपने पास रखी चेकबुक
खाता खुलवाते समय आरोपी अभिषेक सिलावट ने बेहद शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया। उसने बैंक फॉर्म में अंकित के बजाय अपना खुद का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी रजिस्टर्ड करवा दी। इस चालबाजी के कारण खाते में होने वाले किसी भी लेनदेन का मैसेज या अलर्ट अंकित तक नहीं पहुंच पा रहा था।

खाता खुलने के बाद अभिषेक ने क्लेम की कागजी औपचारिकताओं का बहाना बनाया और अंकित को अपने साथ जबलपुर, लखनऊ और यहाँ तक कि नेपाल की यात्राओं पर भी ले गया ताकि अंकित को कोई शक न हो। इस पूरी अवधि में खाते की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड पूरी तरह से अभिषेक के ही कब्जे में रहे। कुछ समय बाद जब अंकित को किसी अन्य स्रोत से अपने खाते में हुए करोड़ों के लेनदेन की भनक लगी, तो उनके होश उड़ गए।
17 दिनों में 2.52 करोड़ का खेल और 21 करोड़ का बड़ा नेटवर्क
नरसिंहपुर पुलिस की शुरुआती जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपी ने मात्र 17 दिनों के भीतर अंकित के इसी एक अकेले खाते से लगभग 2 करोड़ 52 लाख 83 हजार रुपये का संदिग्ध और धोखाधड़ीपूर्ण लेनदेन किया था। आरोपी के काम करने का तरीका यह था कि जैसे ही खाते में अवैध रूप से कहीं से राशि आती थी, वह उसे तुरंत दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था।
पुलिस की विस्तृत छानबीन में तीन ऐसे प्रमुख बैंक खाते सामने आए हैं जिनमें सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन हुआ था। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग 21 करोड़ 41 लाख रुपये का लेनदेन पाया गया है। पुलिस को अब तक ऐसे 11 बैंक खातों का पता चला है जहाँ धोखाधड़ी की यह रकम ट्रांसफर की गई थी, और पुलिस टीम अब इन सभी खातों की बारीकी से जांच कर रही है।
भागने की फिराक में था जालसाज, पुलिस ने बाईपास पर घेरा
शिकायत की गंभीरता और मामले के बड़े पैमाने को देखते हुए नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने बिना वक्त गंवाए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मुखबिरों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की।
इसी बीच आरोपी अभिषेक सिलावट को भनक लग गई कि पुलिस उसके पीछे है और वह शहर से फरार होने की योजना बना रहा था। लेकिन पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बाईपास क्षेत्र में प्रभावी घेराबंदी की और आरोपी को भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फ्रॉड में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन, पीड़ित के नाम की बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड भी बरामद कर लिया है।
6 राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना था आरोपी
पुलिस की जांच में यह भी साफ हो गया है कि अभिषेक सिलावट कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि एक पेशेवर और आदतन जालसाज है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने पर पता चला कि उसके खिलाफ देश के 6 अलग-अलग राज्यों कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली,गुजरात और केरल में कुल 11 आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। वह अलग-अलग राज्यों में इसी तरह के वित्तीय घोटालों और साइबर अपराधों को अंजाम दे रहा था। नरसिंहपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि आगामी जांच में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।













