नरसिंहपुर नर्सिंग कॉलेज में गूंजी सेवा की गूंज, अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर छात्राओं को मिला स्किल लैब का तोहफा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मिश्रा ने नए सत्र की छात्राओं को दी बधाई; जीवन में सेवा, करुणा और ईमानदारी अपनाने का दिया संदेश।
- नरसिंहपुर के शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय में 12 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस धूमधाम से मनाया ग
- मुख्य अतिथि सीएमएचओ डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने कॉलेज में आधुनिक ‘स्किल लैब’ का उद्घाटन किया।
- नए सत्र 2025-26 की छात्राओं के स्वागत के साथ फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जीवनी पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया।
- डॉक्टरों और प्राचार्यों ने छात्राओं को जीवन में सहानुभूति, करुणा और ईमानदारी अपनाने की सीख दी।
- कॉलेज प्रबंधन और समस्त फैकल्टी के सहयोग से यह गरिमामयी कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा।
Narsinghpur Nursing College news : नरसिंहपुर के शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय में 12 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के मौके पर एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस खास दिन को यादगार बनाते हुए कॉलेज के नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बैच की छात्राओं का स्वागत किया गया, साथ ही कॉलेज में एक आधुनिक ‘स्किल लैब’ का उद्घाटन भी हुआ।
मुख्य अतिथि और जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने फीता काटकर इस नई प्रयोगशाला की शुरुआत की, जिससे अब छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण में काफी मदद मिलेगी। यह पूरा कार्यक्रम कॉलेज प्रशासन के आपसी सहयोग और बेहतर प्रबंधन के जरिए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के लिए मील का पत्थर बनेगी ‘स्किल लैब’
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. मनीष कुमार मिश्रा, महाविद्यालय की प्राचार्या और समस्त फैकल्टी सदस्यों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद डॉ. मिश्रा ने नई स्किल लैब का फीता काटा।
इस आधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से नर्सिंग की छात्राओं को अपनी पढ़ाई के दौरान ही मरीजों की देखभाल और विभिन्न प्रकार की चिकित्सा तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कुशलता बेहद जरूरी होती है, और यह लैब इसी कमी को पूरा करेगी।
‘कर्तव्य को रखें सर्वोपरि’ – डॉक्टरों ने दिया सफलता का मंत्र
अपने संबोधन के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. मनीष मिश्रा ने सभी शिक्षकों और छात्राओं को ‘अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस’ की बधाई दी। उन्होंने भावी नर्सों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भविष्य में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने काम को अंजाम दें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक अच्छी नर्स बनने के लिए अपने कर्तव्य को हमेशा सबसे ऊपर रखना चाहिए।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए डॉ. देवेन्द्र रिपुदमन ने छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में केवल दवाइयां ही काफी नहीं होतीं, बल्कि मरीजों के प्रति सहानुभूति और करुणा का भाव होना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को इन मानवीय मूल्यों को अपने जीवन और प्रोफेशन में उतारने की सलाह दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल, फ्लोरेंस नाइटिंगेल पर नाटक रहा आकर्षण का केंद्र
भाषणों के बाद कॉलेज की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। छात्राओं ने एक से बढ़कर एक लोक नृत्य और सुरीले गीतों से समां बांध दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘लेडी विद द लैंप’ के नाम से मशहूर फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन पर आधारित एक नाटक रहा।

छात्राओं ने इस नाटक के जरिए दिखाया कि कैसे विपरीत हालातों में भी सेवा भावना से दुनिया को बदला जा सकता है। इस नाटक को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। इसके बाद कॉलेज की प्राचार्या ने नर्सिंग के वास्तविक महत्व को समझाया और छात्राओं का हौसला बढ़ाया।
सफल प्रबंधन और आभार प्रदर्शन
समारोह के आखिरी हिस्से में कॉलेज की उप-प्राचार्या ने मुख्य अतिथि, प्राचार्या और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। प्राचार्या के कुशल मार्गदर्शन के कारण यह पूरा आयोजन बेहद व्यवस्थित तरीके से पूरा हुआ।
इस भव्य समारोह को सफल बनाने में नर्सिंग महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शारदा नागवंशी, उप-प्राचार्या श्रीमति नीलम राजपूत, वरिष्ठ सिस्टर ट्यूटर श्रीमति ममता चौरे के साथ-साथ सिस्टर ट्यूटर श्रीमति बिन्दु कावले, श्रीमति प्रियंका पटैल, श्रीमति पूनम कुलस्ते,
श्रीमति रत्त्ना चौरसिया, श्रीमति जया नागरे, श्रीमति विनीत्ता बिरोन और श्रीमति बिन्दु नागरे का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही कु. पूजा चौहान, कु. आकांक्षा चौधरी (सहायक ग्रेड 3), श्रीमति रूही मंसूरी (डेटा एंट्री ऑपरेटर) और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ओम बाई पटेल व लक्ष्गी झरिया ने भी व्यवस्थाएं संभालने में कड़ी मेहनत की।













