मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कहीं ओलावृष्टि तो कहीं गर्मी बरकरार
- मध्य प्रदेश के 34 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है।
- जबलपुर और शहडोल समेत 6 जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और ओले गिरने की आशंका है।
- पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
- बारिश की वजह से भोपाल और ग्वालियर जैसे शहरों में तापमान 4 से 8 डिग्री तक गिर गया है।
- इंदौर और उज्जैन में गर्मी बरकरार है, वहां तापमान 38 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
MP Weather Update : मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। भोपाल स्थित मौसम विभाग ने सोमवार को 34 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है,
जबकि 6 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी दी गई है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना जताई गई है, जिससे आम लोगों के साथ किसानों पर भी असर पड़ सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का पैटर्न
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी सिस्टम मध्य भारत के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। आमतौर पर अप्रैल और मई में तेज गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का रुख बदल दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सिस्टम के सक्रिय होने से हवा में नमी बढ़ती है, जिससे आंधी और बारिश की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कई जिलों में अचानक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
इन जिलों में तेज हवाओं और ओलों का खतरा
मौसम विभाग ने शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
इन इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बड़े शहरों में भी असर साफ
राजधानी भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में मौसम का बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। यहां कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है।
बारिश के बाद तापमान में 4 से 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।
इंदौर-उज्जैन में अभी भी गर्मी का असर
प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभाग में मौसम का रुख अलग बना हुआ है। यहां बादल छाए रहने के बावजूद बारिश की संभावना कम है और तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में हीटवेव जैसे हालात बन सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को दिन के समय सावधानी बरतने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।












