‘पुलिस’ लिखी कार ने एक ही परिवार के 3 लोगों को रौंदा, एक की मौत के बाद हाईवे पर भारी हंगामा
- हादसा रतलाम के महू-नीमच फोरलेन स्थित पलदुना फंटे पर हुआ।
- ‘पुलिस’ लिखी कार ने एक ही परिवार के तीन लोगों को टक्कर मारी।
- हादसे में मुकेश कुमावत की मौत हुई, जबकि दो अन्य परिजन गंभीर घायल हैं।
- गुस्साए ग्रामीणों ने ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे जाम किया।
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में एक एएसआई और उनका परिवार सवार था।
Ratlam Road Accident : मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात महू-नीमच फोरलेन के पलदुना फंटे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां ‘पुलिस’ लिखी एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे जा रहे एक ही परिवार के तीन लोगों को बुरी तरह कुचल दिया।
इस हादसे में मुकेश कुमावत नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चाचा मांगीलाल और परिवार का एक अन्य सदस्य मुकेश गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है।
खाकी के ठप्पे वाली कार बनी ‘काल’
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कार (नंबर MP 09-AG 3339) ने राहगीरों को टक्कर मारी, उस पर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था। चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के समय कार में एएसआई (ASI) रैंक के एक पुलिसकर्मी अपनी पत्नी और बेटे के साथ मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि ड्राइविंग सीट पर उनका बेटा बैठा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि लोगों को रौंदने के बाद कार अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार तीनों लोग मौके से भाग निकले, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया।
ग्रामीणों का आक्रोश
हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आक्रोश इतना था कि उन्होंने फोरलेन पर ही टेंट लगा दिया और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है
कि पलदुना फंटे पर अब तक हुए हादसों में जान गंवाने वाले सभी परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे शनिवार को मृतक का अंतिम संस्कार हाईवे पर ही करेंगे।
‘डेथ स्पॉट’ बनता जा रहा है पलदुना फंटा
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि पलदुना फंटा अब एक ‘डेथ स्पॉट’ बन चुका है। पिछले एक साल के भीतर ही यहां सड़क हादसों में करीब 10 से 12 लोगों की जान जा चुकी है। कई लोग इन हादसों में हमेशा के लिए अपंग हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार हो रही मौतों के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं कर रहे हैं। न तो यहां स्पीड ब्रेकर हैं और न ही पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था, जिसके कारण आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं।
पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अमित कोरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और उन्हें सड़क पर दाह संस्कार करने से रोका। थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन को जब्त कर लिया गया है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह पुलिस विभाग से ही क्यों न जुड़ा हो। फिलहाल इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।












