MP Crime News : चाय कैफे की आड़ में ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल, ऐसे बिछाया गया था रसूखदारों के लिए जाल
- मऊगंज पुलिस ने चाय कैफे की आड़ में हनी ट्रैप गिरोह चलाने वाली युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया।
- आरोपी ग्राहकों को झांसे में लेकर गुप्त कैमरों से आपत्तिजनक वीडियो बनाते थे।
- वीडियो के बदले पीड़ितों से 5 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली जाती थी।
- पूर्व जनपद उपाध्यक्ष का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को उड़ीसा से पकड़ा।
- यह गिरोह पिछले 8-9 महीनों से जिले के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय था।
MP Crime News : मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में पिछले कुछ दिनों से एक ‘हनी ट्रैप’ कांड चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में पुलिस ने एक ऐसी युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया है, जो एक साधारण से दिखने वाले चाय कैफे की आड़ में लोगों को अपनी साजिश का हिस्सा बनाते थे।
रातों-रात शोहरत पाने और मोटी कमाई करने के लालच में इस गिरोह ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया, जिसका खुलासा तब हुआ जब एक रसूखदार व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों को उड़ीसा के सुंदरगढ़ से ढूंढ निकाला और अब वे सलाखों के पीछे हैं।
चाय की दुकान और गुप्त कैमरों का जाल
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से अपना नेटवर्क फैलाया था। आरोपी युवती और उसके साथी ने पहले शहर में एक कमरा किराए पर लिया और फिर “चाय कैफे” के नाम से एक दुकान खोली। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य कैफे लगता था, जहां लोग चाय पीने आते थे।
लेकिन इस दुकान के पीछे का मकसद कुछ और ही था। गिरोह के सदस्य कैफे में आने वाले संपन्न ग्राहकों को पहचानते थे और फिर उनसे दोस्ती कर भरोसा जीतते थे। जब ग्राहक उनके झांसे में आ जाता, तो उसे एकांत में ले जाकर गुप्त कैमरों की मदद से आपत्तिजनक वीडियो बना लिए जाते थे।
5 लाख रुपये तक की वसूली और ब्लैकमेलिंग
वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद असली खेल शुरू होता था। आरोपी उन वीडियो को वायरल करने की धमकी देते थे और बदले में लाखों रुपयों की मांग करते थे। सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह एक-एक पीड़ित से 5 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलता था।

बदनामी के डर से कई लोग चुपचाप पैसे दे देते थे, जिससे इस गिरोह के हौसले और बढ़ते गए। पिछले 8-9 महीनों से यह गिरोह लगातार अपनी जगह बदल-बदल कर सक्रिय था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष के वीडियो ने खोला राज
इस पूरे गिरोह की पोल तब खुली जब हनुमना के पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। आरोप है कि गिरोह ने उनसे भी भारी भरकम राशि की मांग की थी, लेकिन मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने उनका वीडियो सार्वजनिक कर दिया।
इस घटना के बाद पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम उड़ीसा पहुंची और मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।












