घर बैठे प्रॉपर्टी रजिस्ट्री का सपना साकार, भोपाल में MP का पहला साइबर कार्यालय खुला। विदेश से भी आसान
भोपाल पंजीयन मुख्यालय में MP का पहला साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू। पूरे प्रदेश की पेपरलेस, फेसलेस रजिस्ट्री संभव। विदेशी व दूसरे जिले वाले बिना जाए संपदा-2.0 से विवादरहित प्रॉपर्टी रजिस्टर कर सकेंगे।
Cyber Registration Office Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री अब घर बैठे हो सकेगी! भोपाल के पंजीयन मुख्यालय में प्रदेश का पहला साइबर पंजीयन कार्यालय खुलने वाला है, जो हर जिले की रजिस्ट्री को पूरी तरह डिजिटल और बिना कागज के बनाएगा। दूर रहने वाले लोग, चाहे विदेश में हों या दूसरे जिले में, अब बिना जगह पर पहुंचे संपत्ति का मालिकाना हक हासिल कर सकेंगे। यह बदलाव सरकारी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा।
भोपाल में नया साइबर पंजीयन कार्यालय
राजधानी भोपाल के पंजीयन मुख्यालय में मध्य प्रदेश का पहला साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू होने जा रहा है। यह सुविधा प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बेहद आसान बना देगी। अब आपको संबंधित जिले का पंजीयन ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां से पूरे प्रदेश के किसी भी जिले की रजिस्ट्री हो सकेगी – वो भी पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस तरीके से।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
सोचिए, अगर आप विदेश में रहते हैं और मध्य प्रदेश में कहीं संपत्ति खरीदना चाहते हैं। पहले तो आपको लंबी यात्रा करनी पड़ती या वकील की मदद लेनी पड़ती। अब साइबर कार्यालय से वीडियो केवायसी के जरिए सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा। इसी तरह, दूसरे जिले में रहने वाले लोग भी बिना वहां जाए रजिस्ट्री करा सकेंगे। यह व्यवस्था ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करेगी और समय की बचत करेगी।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
यहां रजिस्ट्री संपदा-2.0 पोर्टल से होगी। पोर्टल को राजस्व विभाग, नगरीय विकास और लैंड रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है। इससे रजिस्ट्री से पहले ही संपत्ति की ऑनलाइन जांच हो जाएगी। केवल विवादरहित संपत्तियों की ही रजिस्ट्री होगी, जो पारदर्शिता बढ़ाएगी। शुक्रवार को पंजीयकों को पूरे प्रदेश की रजिस्ट्री का अधिकार दे दिया गया है। कार्यालय का उद्घाटन जल्द ही होगा।
गजट नोटिफिकेशन से मिली हरी झंडी
वाणिज्यिक कर विभाग ने 23 जनवरी को गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इससे मध्य प्रदेश रजिस्ट्रीकरण नियमों में नए प्रावधान जोड़े गए। साइबर कार्यालय के पंजीयन अधिकारियों की जिम्मेदारी अब सभी उप-जिलों पर फैल गई है। इससे पहले 27 अक्टूबर के नोटिफिकेशन से भोपाल में इस कार्यालय की नींव रखी गई थी। अब सब कुछ तैयार है।











