नरसिंहपुर नवाब रजा के इथेनॉल प्लांट में आधी रात को मची चीख-पुकार, टैंकर में गिरे दो मजदूर, मौत
- नरसिंहपुर के महाकौशल बचाई शुगर मिल के इथेनॉल प्लांट में सोमवार रात करीब 1 बजे बड़ा हादसा हुआ।
- इथेनॉल के टैंकर में गिरने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
- मृतकों की पहचान सिलवानी के पवन ठाकुर और खापा पट्टी के जगदीश यादव के रूप में हुई है।
- पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- नवाब राजा का यह प्लांट और शुगर मिल पहले से ही स्थानीय ग्रामीणों के विरोध और विवादों में रहा है।
Narsinghpur Ethanol Plant Accident : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सोमवार रात करीब 1 बजे यहां के बचाई में स्थित महाकौशल शुगर मिल के इथेनॉल प्लांट में एक बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में इथेनॉल के एक बड़े टैंकर में गिरने से दो स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और फैक्ट्री प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। शुरुआती तौर पर इस पूरी घटना को सुरक्षा मानकों में अनदेखी और घोर लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक वाकया सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1:00 बजे का है। प्लांट में रोजाना की तरह काम चल रहा था, तभी दो मजदूर अचानक इथेनॉल से भरे टैंकर के अंदर गिर गए। टैंकर में जहरीली गैस और इथेनॉल की मौजूदगी के कारण उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और दोनों की दम घुटने व डूबने से मौत हो गई।
हादसे की खबर मिलते ही प्लांट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान पवन ठाकुर और जगदीश यादव के रूप में हुई है। पवन ठाकुर सिलवानी का रहने वाला था, जबकि जगदीश यादव खापा पट्टी का निवासी था। दोनों युवा थे और अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए इस प्लांट में मजदूरी कर रहे थे।
सुरक्षा में चूक और लापरवाही की आशंका
इस हादसे ने प्लांट के भीतर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। रात के समय काम करते वक्त मजदूरों को जिन सुरक्षा उपकरणों (जैसे सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और मास्क) की जरूरत होती है, वे उन्हें मुहैया नहीं कराए गए थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह साफ तौर पर सुरक्षा में चूक और प्रबंधन की लापरवाही का मामला लग रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर आधी रात को ये मजदूर बिना किसी ठोस सुरक्षा घेरे के टैंकर के इतने करीब कैसे पहुंचे और वहां तैनात सुपरवाइजर उस वक्त क्या कर रहे थे।
पहले से ही विवादों में है नवाब राजा का यह प्लांट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बचाई में संचालित इस महाकौशल शुगर मिल और इसके इथेनॉल प्लांट के संचालक नवाब रजा हैं। नवाब रजा का यह प्लांट शुरू से ही विवादों के घेरे में रहा है। जब इस प्लांट को लगाने की योजना बनी थी, तभी से स्थानीय ग्रामीणों में इसे लेकर भारी आक्रोश और विरोध देखा जा रहा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्लांट की वजह से इलाके के पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे पहले भी महाकौशल शुगर मिल कई अलग-अलग वजहों और स्थानीय विवादों के कारण सुर्खियों में रह चुकी है। अब इस बड़े हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है और वे प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।












