मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: चाय की टपरी से लेकर सरकारी बंगलों तक लोकायुक्त का छापा, कई अधिकारी गिरफ्तार
प्रदेश के तीन बड़े जिलों में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाते हुए PWD और PHE विभाग सहित नगर पालिका के कई रंगेहाथों घूस लेते हुए पकड़ा है।
MP Lokayukta Raid : मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त की मुहिम थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कुछ दिनों के भीतर जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर की लोकायुक्त टीमों ने अलग-अलग जिलों में दबिश देकर रिश्वतखोरी के नेटवर्क को ध्वस्त किया है।
ताजा मामलों में छिंदवाड़ा में पीएचई विभाग के कर्मचारी को चाय की दुकान पर, इंदौर में पीडब्ल्यूडी के बड़े अधिकारियों को उनके सरकारी आवास पर और शिवपुरी में एक बाबू को बहाली के नाम पर पैसे लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश में सरकारी तंत्र के भीतर पनप रहे कमीशनखोरी के खेल को उजागर करती है।
छिंदवाड़ा: चाय की टपरी पर घूस लेते धराया पंप अटेंडेंट
छिंदवाड़ा जिले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने एक फिल्मी अंदाज में कार्रवाई को अंजाम दिया। पीएचई विभाग में पदस्थ बाबू संदेश गजभिये ने ठेकेदार सौरभ मिश्रा से उनके बकाया भुगतान के बदले 6 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। कुल 25 हजार रुपये की इस डील में पहली किस्त के रूप में 14 हजार रुपये तय हुए थे।

बाबू के निर्देश पर पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा खजरी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर पैसे लेने पहुँचा था। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम हाथ में ली, सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। विभाग ने इस मामले में बाबू संदेश गजभिये को भी मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए आरोपी बनाया है।
इंदौर: PWD के बड़े अफसरों के घर और दफ्तर में छापा
इंदौर में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला सामने आया है जहाँ लोक निर्माण विभाग (PWD) के तीन अधिकारियों पर गाज गिरी है। लोकायुक्त इंदौर ने कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम के सरकारी आवास से 1.50 लाख रुपये बरामद किए। वहीं, एसडीओ टी.के. जैन को उनके कार्यालय के पोर्च में ही एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

यह पूरा मामला ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार के अंतिम बिलों के भुगतान से जुड़ा था। इस कार्रवाई में एक उपयंत्री अंशु दुबे का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने राशि कम होने के कारण पैसे लेने से मना कर दिया था, लेकिन साजिश में शामिल होने के कारण उन पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
शिवपुरी: सस्पेंड कर्मचारी को बहाल करने के नाम पर वसूली
ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने शिवपुरी नगर पालिका में भ्रष्टाचार के एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। यहाँ पदस्थापना शाखा के बाबू भगवान लाल करोलिया को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। दरअसल, नगर पालिका के ही एक निलंबित कर्मचारी हरिवल्लभ चंदौरिया ने अपनी बहाली के लिए बाबू से संपर्क किया था। बाबू ने सीएमओ के नाम पर 60 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया और बाबू को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकायुक्त की नजरें हर उस गलियारे पर हैं जहाँ ईमानदारी के बदले कमीशन मांगा जा रहा है। इन सभी मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जाँच को आगे बढ़ाया जा रहा है।












