बरगी डैम हादसा: बाबा बागेश्वर हुए भावुक, बोले- ‘माँ की ममता के उस दृश्य ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया’
- जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गहरा दुख प्रकट किया।
- हादसे की खबर को बाबा बागेश्वर ने हृदय विदारक और बेहद दुखद बताया।
- बचाव कार्य के दौरान एक मां द्वारा बच्चे को सीने से लगाए रखने वाली घटना का मार्मिक जिक्र किया।
- दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए अनुयायियों से मौन धारण करने की अपील की गई।
- हादसे के सम्मान में बाबा बागेश्वर ने अपने कार्यक्रमों को सादगी से आयोजित करने का निर्णय लिया।
Bageshwar Dham News ; जबलपुर के प्रसिद्ध बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे को हृदय विदारक बताते हुए कहा कि इसकी खबर मिलते ही वे बेहद आहत हुए।
बाबा बागेश्वर ने न केवल मृतकों की आत्मा की शांति के लिए अपने अनुयायियों से मौन धारण करने की अपील की, बल्कि हादसे के दौरान सामने आई एक ऐसी मार्मिक तस्वीर का जिक्र किया जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
मां की ममता का वो आखिरी मंजर
हादसे की भयावहता का जिक्र करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने बचाव कार्य के दौरान सामने आई एक घटना को साझा किया, जिसमें एक मां ने अपनी जान जाने के बावजूद अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा था।
बाबा ने बताया कि मौत के आगोश में समाने के बाद भी उस मां ने अपने बच्चे को सीने से कसकर लगा रखा था। उन्होंने इसे ममता का सर्वोच्च उदाहरण बताया और कहा कि यह दृश्य किसी के भी कलेजे को चीर देने वाला है।
बरगी डैम हादसा: बाबा बागेश्वर हुए भावुक, बोले- 'माँ की ममता के उस दृश्य ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया' pic.twitter.com/cnCNzj5x8W
— mpbignews (@mpbignews) May 2, 2026
कार्यक्रमों में सादगी का बड़ा फैसला
इस बड़ी त्रासदी को देखते हुए बाबा बागेश्वर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे अपने आगामी कार्यक्रमों को बेहद सादगी के साथ संपन्न करेंगे। शास्त्री जी का मानना है कि जब समाज का एक बड़ा हिस्सा अपनों को खोने के गम में डूबा हो, तब किसी भी तरह का भव्य आयोजन करना उचित नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।












